श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा में दिखी गुटबाजी, जिला कार्यकर्ता सम्मेलन से दूसरे गुट ने बनाई दूरी
मिशन 2027 की तैयारियों के बीच कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में कई प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा में दिखी गुटबाजी, जिला कार्यकर्ता सम्मेलन से दूसरे गुट ने बनाई दूरी

मिशन 2027 की तैयारियों के बीच कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में कई प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
शिकोहाबाद। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान शिकोहाबाद भाजपा संगठन की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती दिखाई दी। कार्यक्रम में जहां एक गुट की सक्रिय मौजूदगी रही, वहीं दूसरे गुट ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित मां जानकी महल होटल में आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मिशन-2027 की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हालांकि, सम्मेलन की सबसे बड़ी चर्चा कई प्रमुख स्थानीय नेताओं की गैरमौजूदगी रही। भाजपा नगर अध्यक्ष शिवम दीक्षित, नगर पालिका चेयरमैन श्रीमती रानी गुप्ता, पूर्व विधायक हरिओम यादव, मनोनीत सभासद प्रिंस जैन, अंशू गुप्ता, कुलदीप कुमार उर्फ जॉनू गुप्ता तथा भाजपा नेता सतीश यादव सहित कई नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इन नेताओं की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी की चर्चाओं को और हवा दे दी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश उपाध्यक्ष के कार्यक्रम से दूरी बनाना केवल सामान्य अनुपस्थिति नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों और नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर भी कार्यकर्ताओं के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। बताया जा रहा है कि अनुपस्थित नेताओं का अधिकांश समूह पूर्व विधायक हरिओम यादव के करीबी नेताओं का माना जाता है।
हालांकि, भाजपा की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी पदाधिकारी इसे सामान्य संगठनात्मक स्थिति बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे भाजपा की अंदरूनी कलह का उदाहरण बताकर निशाना साध रहा है।
फिलहाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह जिला कार्यकर्ता सम्मेलन संगठनात्मक गतिविधियों से अधिक भाजपा की आंतरिक गुटबाजी को लेकर चर्चा में बना हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को दूर करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।




