मदावली गौशाला का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर एवरग्रीन फाउंडेशन को लगाई फटकार
गोवंशों की देखभाल और साफ सफाई व्यवस्था में मिली खामियां, डीएम ने ग्रीन गौशाला विकसित करने के दिए निर्देश

मदावली गौशाला का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर एवरग्रीन फाउंडेशन को लगाई फटकार

फिरोजाबाद में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बुधवार को विकासखंड टूंडला स्थित मदावली वृहद गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य और अपर जिलाधिकारी विशु राजा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान गौशाला में अभिलेखों के रखरखाव और साफ सफाई व्यवस्था में खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने गौशाला का संचालन कर रही एवरग्रीन फाउंडेशन के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया और सख्त चेतावनी दी।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि गौशाला में कुल 478 गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें 154 नर और 324 मादा गोवंश शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पशुओं के बेहतर प्रबंधन और देखभाल को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी गोवंशों का आयु के अनुसार सर्वे कराया जाए ताकि मृत्यु दर का सही आंकलन हो सके और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। बीमार पशुओं के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था करने तथा कमजोर गोवंशों को चिन्हित कर विशेष पौष्टिक आहार देने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई गोवंश घायल होता है तो संक्रमण से बचाने के लिए उसके ऊपर जाली लगाई जाए, जिससे कीड़े मकोड़ों और अन्य पशु पक्षियों से सुरक्षा मिल सके।
सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश हमारी आस्था का प्रतीक हैं, इन्हें केवल आय का साधन न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सेवा में ममता का भाव नहीं होगा तब तक सच्ची सेवा संभव नहीं है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मदावली गौशाला को ग्रीन गौशाला के रूप में विकसित करने का विजन भी साझा किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशाला को आधुनिक बनाने के लिए एसएफसी फंड का उपयोग किया जाए। कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन लगाकर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए इन्वर्टर की व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही खंड विकास अधिकारी को गौशाला परिसर में गोबर गैस प्लांट स्थापित कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सीसीटीवी कैमरे किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने चाहिए। गोवंशों के आवक जावक रजिस्टर के व्यवस्थित न मिलने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी निराश्रित गोवंश सड़कों पर दिखाई नहीं देना चाहिए और उन्हें तत्काल गौशालाओं में संरक्षित किया जाए।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने विधि विधान से गौ पूजन किया और गोवंशों को गुड़ खिलाकर सेवा का संदेश दिया। इस दौरान उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा, परियोजना निदेशक सुभाष चन्द्र त्रिपाठी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




