फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव: अब 100 रुपये से कम क्लेम नहीं होगा तत्काल भुगतान, डीएम ने दिए व्यापक प्रचार के निर्देश
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित बीमा योजना में संशोधित प्रावधान लागू, पारदर्शिता और भुगतान प्रक्रिया में सुधार पर जोर स्थान: फिरोजाबाद

फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव: अब 100 रुपये से कम क्लेम नहीं होगा तत्काल भुगतान, डीएम ने दिए व्यापक प्रचार के निर्देश
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित बीमा योजना में संशोधित प्रावधान लागू, पारदर्शिता और भुगतान प्रक्रिया में सुधार पर जोर
स्थान: फिरोजाबाद
जनपद फिरोजाबाद में जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत संशोधित प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में कृषि एवं कल्याण विभाग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, अब प्रति कृषक प्रति मौसम 100 रुपये से कम की क्षतिपूर्ति राशि का तत्काल भुगतान नहीं किया जाएगा। ऐसी छोटी राशियों को संचित रखा जाएगा और जब यह राशि 100 रुपये से अधिक हो जाएगी, तभी भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही, 100 रुपये से कम की अलग-अलग छोटी क्षतिपूर्ति राशियों को जोड़कर एकीकृत रूप में भुगतान किया जाएगा।
बीमित किसानों को उनकी रोकी गई क्षतिपूर्ति राशि की स्थिति, एक से अधिक जोखिम या विभिन्न मौसमों की एकीकृत क्षतिपूर्ति की जानकारी एसएमएस और एनसीआईपी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
नई व्यवस्था के तहत क्षतिपूर्ति का भुगतान दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में ऐड-ऑन जोखिमों से संबंधित भुगतान किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अंतिम उपज आधारित एकीकृत क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इस प्रणाली का उद्देश्य भुगतान में देरी को कम करना, प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना और छोटी-छोटी किस्तों में भुगतान की समस्या को खत्म करना है।
ट्रेंच आधारित भुगतान प्रणाली के अंतर्गत विलंब की स्थिति में बीमा कंपनियों पर किसी प्रकार का दंड लागू नहीं होगा। साथ ही, एक ही कृषक के एक से अधिक आवेदनों को जोड़कर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा, खरीफ 2026 से प्रति कृषक प्रति फसल प्रति मौसम न्यूनतम बीमित राशि 1000 रुपये निर्धारित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि इन सभी संशोधित प्रावधानों का जनपद और फील्ड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजना से जुड़े सभी किसानों तक सही और पूरी जानकारी समय पर पहुंच सके और वे इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।




