75 वर्ष पुरानी पांडुलिपियों के सर्वे और डिजिटलीकरण पर जोर, जिलाधिकारी ने की नागरिकों से अपील
ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन ग्रंथों, ताड़पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने की पहल, स्वामित्व रहेगा सुरक्षित

75 वर्ष पुरानी पांडुलिपियों के सर्वे और डिजिटलीकरण पर जोर, जिलाधिकारी ने की नागरिकों से अपील
‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन ग्रंथों, ताड़पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने की पहल, स्वामित्व रहेगा सुरक्षित
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फिरोजाबाद। जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में एनआईसी कक्ष में ज्ञान भारतम् मिशन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, अपर जिलाधिकारी विशु राजा, जिला विद्यालय निरीक्षक धीरेंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन शुरू किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों और सांस्कृतिक धरोहरों का सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि सर्वेक्षण का कार्य “GYAN BHARTAM APP” मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा, जिसे गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियां, दुर्लभ ग्रंथ या अभिलेख मौजूद हैं, वे उन्हें ऐप पर अपलोड कर सुरक्षित करने में सहयोग करें। मंदिर, मस्जिद, मठ, आश्रम तथा निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध विरासत संबंधी विवरण भी इस ऐप पर दर्ज किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और बौद्धिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और सूचीबद्ध करना है, उनका स्वामित्व संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने बताया कि तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को भेजी जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम बदन राम, अर्थ एवं संख्या अधिकारी एमपी सिंह, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




