फिरोजाबाद: गौशालाओं का निरीक्षण, नैपियर घास और गोबर गैस मॉडल को बढ़ावा देने के निर्देश
निरीक्षण के बाद विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में अध्यक्ष ने अधिकारियों और समिति के पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

फिरोजाबाद: गौशालाओं का निरीक्षण, नैपियर घास और गोबर गैस मॉडल को बढ़ावा देने के निर्देश
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग की टीम ने शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को जनपद की विभिन्न गौशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता और सदस्य रमाकांत उपाध्याय मौजूद रहे।
सबसे पहले टीम ने विकास खंड मदनपुर के कारीखेड़ा स्थित वृहद गौसंरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। यहां वर्मीकम्पोस्ट और गोबर गैस प्लांट की व्यवस्था देखकर अध्यक्ष ने संतोष जताया और इसे अन्य गौशालाओं के लिए आदर्श मॉडल बताया।
इसके बाद टीम ने शिकोहाबाद क्षेत्र की नावली और कान्हा गौशाला, जरौलीकला का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान यहां की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस मौके पर एक स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधियों से भी बातचीत हुई। संस्था ने बताया कि वे करीब 350 बीघा जमीन पर नैपियर घास की खेती कर रहे हैं, जिसकी लागत लगभग ₹3 प्रति जड़ आती है।
अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि इच्छुक गौशाला संचालकों को यह घास नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि लागत की आंशिक भरपाई भी हो सके और अधिक से अधिक गौशालाएं इसका लाभ ले सकें।
बैठक में दिए गए अहम निर्देश
निरीक्षण के बाद विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में अध्यक्ष ने अधिकारियों और समिति के पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
गौशालाओं की चारागाह भूमि पर नैपियर घास के साथ मोरिंगा (सहजन) की खेती कराई जाए
किसानों को हरे चारे की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए
ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों के साथ हरे चारे के लिए अनुबंध किया जाए
कारीखेड़ा गौशाला में स्थापित वर्मीकम्पोस्ट और गोबर गैस प्लांट मॉडल को अन्य गौशालाओं में भी लागू किया जाए




