
फिरोजाबाद में सपा का समाज जोड़ो सम्मेलन 2027 चुनाव को लेकर रामगोपाल यादव का बड़ा बयान
फर्जी एनकाउंटर जांच, शिक्षकों की बहाली और वोट कटने के मुद्दे पर सरकार को घेरा
खबर:
फिरोजाबाद में महात्मा ज्योतिबा राव फुले जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में “समाज जोड़ो सम्मेलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में जौनपुर से जन अधिकार पार्टी के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा मौजूद रहे। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव, फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव और एटा से सांसद देवेश शाक्य सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

रामगोपाल यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो सभी कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि जूनियर और प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों को परीक्षा के जरिए हटाने की साजिश की जा रही है। सपा सरकार बनने पर ऐसे शिक्षकों को वेतन सहित दोबारा बहाल किया जाएगा।
उन्होंने भूमि और आवास के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि गांवों में वर्षों से बसे लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव प्रदेश के भविष्य के लिए निर्णायक होगा। उनके अनुसार, अगर इस चुनाव में बदलाव नहीं हुआ तो लोकतंत्र पर खतरा बढ़ सकता है, जबकि सफलता मिलने पर 2029 में केंद्र की सत्ता में भी परिवर्तन संभव है।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और मजदूरों को वापस अपने घर लौटना पड़ रहा है।
वोट कटने के मुद्दे पर रामगोपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर इसकी जांच की जा रही है और चुनाव आयोग से जवाब मांगा जाएगा कि एक ही प्रशासनिक ढांचे के बावजूद मतदाता सूची में इतना अंतर क्यों है।
प्रीपेड बिजली मीटर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह फैसला जनविरोधी है और पहले जैसी व्यवस्था लागू रहनी चाहिए।
वहीं भाजपा के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि उनके वोट ज्यादा कटे हैं या नहीं, लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को कम आंक रही है तो यह उनकी बड़ी भूल होगी।
सम्मेलन के दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।




