बाराबंकी में डीएम का औचक निरीक्षण, आवासीय विद्यालय में शिक्षा और व्यवस्थाओं पर कसा शिकंजा
छात्रों के समग्र विकास, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष जोर

बाराबंकी में डीएम का औचक निरीक्षण, आवासीय विद्यालय में शिक्षा और व्यवस्थाओं पर कसा शिकंजा
छात्रों के समग्र विकास, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष जोर
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बाराबंकी। जिले के तीरगांव स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय का जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की पढ़ाई से लेकर छात्रावास और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई, सुविधाओं और समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य तय कर लगातार मेहनत करने की सलाह दी और अनुशासन व सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताया।
शिक्षकों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी बराबर ध्यान दिया जाए। इसके लिए खेलकूद, वाद-विवाद, भाषण और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने एक नई पहल के तहत प्रत्येक कक्षा में रोजाना कम से कम दो छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देने की बात कही, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित हो सके।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने सभी छात्रों की ईमेल आईडी बनवाने और उन्हें उसके उपयोग का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यालय में ‘अभ्युदय कोचिंग’ शुरू कराने की भी बात कही, ताकि छात्र भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्रावास, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, बिजली और भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने साफ संकेत दिए कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




