फिरोजाबाद: जिलाधिकारी ने किया राजकीय बाल गृह का औचक निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास पर दिए विशेष निर्देश
परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश, बोले डीएम— बच्चों को केवल आश्रय नहीं, बेहतर भविष्य देना प्रशासन की प्राथमिकता

फिरोजाबाद: जिलाधिकारी ने किया राजकीय बाल गृह का औचक निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास पर दिए विशेष निर्देश
परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश, बोले डीएम— बच्चों को केवल आश्रय नहीं, बेहतर भविष्य देना प्रशासन की प्राथमिकता
फिरोजाबाद, 3 अगस्त।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य के साथ राजकीय बाल गृह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाल गृह में रह रहे बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आवासीय व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्तमान में बाल गृह में 50 बालक आवासित हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई, दैनिक जीवन और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया, जबकि कुछ बच्चों ने अपने माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन बच्चों के परिजनों का पता उपलब्ध हो, उन्हें नियमानुसार उनके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए।
बाल गृह प्रशासन ने बताया कि यहां बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सकों द्वारा कराया जाता है। जिलाधिकारी ने बच्चों के शैक्षणिक स्तर की भी जानकारी ली और निर्देश दिए कि उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बाल गृह में काउंसलिंग कर रही नीलम भारती ने बताया कि बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नियमित परामर्श दिया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को सीखने और सिखाने की प्रक्रिया सहज एवं सकारात्मक होनी चाहिए, ताकि वे अपने अतीत के मानसिक आघात से उबरकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
अधिकारियों ने बताया कि बाल गृह में 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि निर्माणाधीन नवीन बाल गृह तैयार होने के बाद बच्चों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बाल गृह का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ प्यार, स्नेह और संवेदनशील व्यवहार की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। जब समाज और प्रशासन मिलकर उनके प्रति अपनापन दिखाएंगे, तभी वे आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।
इस अवसर पर प्रोबेशन विभाग के अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी भी उपस्थित रहे।




