फिरोजाबाद: विधिक जागरूकता शिविर में बालिकाओं को बताए गए अधिकार, अश्वनी राजौरिया बोले— कानून की जानकारी हर नागरिक को बनाती है सशक्त
इंदिरा नगर स्थित सखी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित शिविर में महिला सुरक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता, साइबर अपराध से बचाव और 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की दी गई जानकारी

फिरोजाबाद: विधिक जागरूकता शिविर में बालिकाओं को बताए गए अधिकार, अश्वनी राजौरिया बोले— कानून की जानकारी हर नागरिक को बनाती है सशक्त
इंदिरा नगर स्थित सखी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित शिविर में महिला सुरक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता, साइबर अपराध से बचाव और 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की दी गई जानकारी
फिरोजाबाद।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद के तत्वावधान में कोमल फाउंडेशन द्वारा संचालित सखी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, इंदिरा नगर (जलेसर रोड) पर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के परा विधिक स्वयंसेवक अश्वनी कुमार राजौरिया ने कहा कि “कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाती है।” उन्होंने बालिकाओं से शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से बैंक ऋण, विद्युत, जल एवं टेलीफोन बिल, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, चेक बाउंस, राजस्व तथा अन्य समझौतायोग्य मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सरल और कम खर्च में निस्तारण किया जाता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि न्यायालयों में लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलझाए जा सकने वाले मामलों का अधिक से अधिक लाभ राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उठाएं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विधिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक उत्तर दिया गया। उपस्थित सभी लोगों ने ऐसे जागरूकता शिविरों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इनके नियमित आयोजन पर बल दिया।
शिविर में रितु, छवि, कोमल, नैंसी, संजना, रीता, काजल, आशी, बेबी, मोहिनी, उर्वशी, गायत्री, राखी तथा केंद्र प्रशिक्षिका श्रीमती रेनू सहित अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे।




