कर्मचारियों और श्रमिकों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
महंगाई, वेतन, पुरानी पेंशन, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
कर्मचारियों और श्रमिकों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

महंगाई, वेतन, पुरानी पेंशन, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

फिरोजाबाद। भारतीय मजदूर संघ द्वारा कर्मचारियों, श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर विशाल ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित 20 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय, संविदा कर्मचारियों की समस्याओं, पुरानी पेंशन बहाली, सफाई कर्मियों के वेतन, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों की सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। भारतीय मजदूर संघ ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने तथा न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग भी की।
फिरोजाबाद जनपद से संबंधित मांगों में चूड़ी उद्योग के श्रमिकों को श्रम कानूनों का लाभ दिलाने, ईएसआईसी सुविधाएं उपलब्ध कराने, न्यूनतम मजदूरी तय करने, विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा जनपद में ईएसआईसी अस्पताल निर्माण की मांग प्रमुख रही।
इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के कार्यविभाग अध्यक्ष रमाकांत यादव, जिला अध्यक्ष राजीव कुमार, जिला मंत्री शीशपाल तिवारी, महानगर मंत्री राधा शंकर कुमार, भवन निर्माण क्षेत्र से ताराचंद, विद्युत विभाग से अजय भास्कर, ट्यूबवेल ऑपरेटर विशाल दीक्षित, दक्षिणांचल संयुक्त मंत्री प्रदीप पचौरी, जोन महामंत्री महेश वर्मा, सुपरवाइजर अजय भास्कर, सुभाष चंद्र, रवि कुमार, रामू शर्मा तथा मनमोहन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वहीं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ, फिरोजाबाद के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और नियमितीकरण की मांग उठाई।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए कर्मचारियों और श्रमिकों को राहत प्रदान करेगी।




