हीटवेव को लेकर अलर्ट: डीएम संतोष कुमार शर्मा का सीएचसी सिरसागंज का औचक निरीक्षण, कूलिंग सेंटर बनाने के निर्देश
जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रही महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, 2 घंटे में प्रमाण पत्र जारी करने का अल्टीमेटम

हीटवेव को लेकर अलर्ट: डीएम संतोष कुमार शर्मा का सीएचसी सिरसागंज का औचक निरीक्षण, कूलिंग सेंटर बनाने के निर्देश
जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रही महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, 2 घंटे में प्रमाण पत्र जारी करने का अल्टीमेटम
फिरोजाबाद, 30 मई। हीटवेव के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को सिरसागंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में हीटवेव से बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा तत्काल कूलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों सुनीता, रोशनी, सत्य प्रकाश और सुमित्रा से बातचीत कर उपचार और दवा वितरण की स्थिति की जानकारी ली। सभी मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और किसी प्रकार की शिकायत नहीं की। इस दौरान एक मरीज को तंबाकू का सेवन करते देख जिलाधिकारी ने उसे फटकार लगाते हुए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की हिदायत दी।
जननी सुरक्षा योजना और आयुष्मान कार्ड की समीक्षा
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि 217 पात्र महिलाओं के सापेक्ष केवल 135 महिलाओं को ही योजना का लाभ मिला है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने शेष पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बताया गया कि अस्पताल क्षेत्र में 117 आयुष्मान आईडी बनाई गई हैं, जिनमें से 67 निष्क्रिय हैं। जिलाधिकारी ने सभी निष्क्रिय आयुष्मान आईडी को तत्काल सक्रिय कराने के निर्देश दिए।
रजिस्टर और दवा वितरण में मिलीं अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक खामियां भी सामने आईं। डॉ. महेश चंद्र द्वारा मरीजों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
औषधि वितरण कक्ष के निरीक्षण में यह भी पाया गया कि ओपीडी में केवल 15 मरीजों का पंजीकरण हुआ था, जबकि 60 लोगों को दवाएं वितरित की गईं। साथ ही दवा वितरण रजिस्टर में नए और पुराने मरीजों का विवरण तथा शुल्क का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड संधारण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए परेशान महिला को मिली राहत
निरीक्षण के दौरान ज्योति नामक महिला ने शिकायत की कि वह अपने पुत्र अक्षत के जन्म प्रमाण पत्र के लिए पिछले दो दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसका कार्य नहीं हो पा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि दो घंटे के भीतर जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और हीटवेव से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।




