अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को चला जागरूकता अभियान, दिलाई गई शपथ

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को चला जागरूकता अभियान, दिलाई गई शपथ
फिरोजाबाद। अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल, कॉलेज और कम्युनिटी स्तर पर गोष्ठियां, रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया गया तथा सभी को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक विकास पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है और उनके अधिकारों का हनन करता है। यदि बच्चों का समुचित विकास सुनिश्चित करना है तो बाल विवाह पर पूर्ण रोक जरूरी है।
उन्होंने आगे बताया कि निर्धारित आयु से पहले बच्चों का विवाह कराने पर माता-पिता के साथ-साथ विवाह में शामिल सभी लोग जैसे रिश्तेदार, बिचौलिया, पंडित, पुजारी, मौलवी, धर्मगुरु, हलवाई, धर्मशाला या होटल संचालक, बैंड-बाजा, घोड़ी, सजावट, प्रिंटिंग प्रेस आदि से जुड़े लोग भी दंड के भागीदार होंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत ऐसे मामलों में 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
लोगों से अपील की गई कि वे सजग और जागरूक रहें तथा निर्धारित आयु पूर्ण होने पर ही विवाह करें। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 या नजदीकी पुलिस चौकी/थाने में जानकारी दें।
इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मिथलेश कुमार सिंह, संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता गीता शर्मा, पेस चाइल्ड फंड इंडिया की कोऑर्डिनेटर रेखा वर्मा, सपोर्ट पर्सन बिंदु, शकुंतला, सपना शर्मा, चाइल्ड लाइन से नितिन सहित विभिन्न स्कूलों की प्रधानाध्यापिकाएं, सहायक अध्यापिकाएं और अन्य लोग मौजूद रहे।




