ग्राम पंचायत इटौरा में लगी ‘ग्रीन चौपाल’, जिलाधिकारी ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
जिला प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के तहत पात्रों को मिला योजनाओं का लाभ, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

ग्राम पंचायत इटौरा में लगी ‘ग्रीन चौपाल’, जिलाधिकारी ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
‘जिला प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के तहत पात्रों को मिला योजनाओं का लाभ, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश
फिरोजाबाद।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की उपस्थिति में ग्राम पंचायत इटौरा में ‘ग्रीन चौपाल’ का आयोजन किया गया। ‘जिला प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के तहत आयोजित इस चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।
चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के स्टॉल लगाए गए, जहां पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिलाधिकारी ने गांव में सामाजिक क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में 209 लोगों को नियमित पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि 853 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। चौपाल के दौरान 9 नए लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए तथा 59 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि गांव में 720 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 17 स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा पहले ही सम्मानित हो चुकी ग्राम पंचायत इटौरा को जिलाधिकारी ने ‘ग्रीन गांव’ घोषित करते हुए चौपाल को ‘ग्रीन चौपाल’ का नाम दिया।
जिलाधिकारी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की। साथ ही किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने का आह्वान किया ताकि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए रासायनिक खादों के कम प्रयोग की सलाह दी।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से पौधरोपण के साथ उसकी देखभाल करने की अपील की। चौपाल में ग्रामीणों ने खतौनी में त्रुटि, अंश निर्धारण, चकरोड एवं तालाबों पर अवैध कब्जे तथा पेयजल समस्या से जुड़ी शिकायतें रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि गांव में 6.7 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे जल्द ही जलापूर्ति संबंधी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने गांव के डिजिटल पुस्तकालय का निरीक्षण किया और वहां अध्ययन कर रहे छात्रों से संवाद किया। छात्रों ने बताया कि पुस्तकालय बनने से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी गांव में नहीं आता या कार्य में लापरवाही करता है तो उसकी शिकायत सीधे उनसे की जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक वह जनसुनवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) मोहनलाल गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामबदन राम, उप जिलाधिकारी सदर सतेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह, डीसी मनरेगा सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




