फिरोजाबाद में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त हुए डीएम, 10 विशेष सुरक्षा योजनाएं तैयार करने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा बैठक में अवैध कट, ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश

फिरोजाबाद में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त हुए डीएम, 10 विशेष सुरक्षा योजनाएं तैयार करने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा बैठक में अवैध कट, ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश
फिरोजाबाद, 14 मई। जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में सामने आया कि आबादी क्षेत्रों में पर्याप्त अंडरपास का अभाव, सड़क पर आवारा पशुओं की मौजूदगी, वाहनों का गलत दिशा में चलना, अवैध कट और क्षमता से अधिक सवारी एवं सामान ढोना सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में पूर्व में चिन्हित 16 ब्लैक स्पॉट्स का निवारण कर लिया गया है। इनमें एनएच-19 सिरसागंज पब्लिक स्कूल, नगला राधे मोड़, गुंजन चौक, नौसहरा पुल, आरोंज कट, इंदुमई कट, हजरतपुर कट, बैनीवाल गार्डन, उसायनी और मोहम्मदाबाद कट समेत अन्य स्थान शामिल हैं। इन स्थलों पर सुधार कार्य के बाद दुर्घटनाएं अब नगण्य हो गई हैं। साथ ही वर्ष 2025-26 के लिए नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अवैध कट बंद कराने, फुट ओवरब्रिज, अंडरपास और साइनेज लगवाने, ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए कैमरों से निगरानी बढ़ाने और रात में आवारा पशुओं पर रेडियम लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने और सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जनपद से दो नेक मददगारों के नाम शासन को भेजे गए हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं जिन वाहन चालकों के 30 से अधिक चालान हो चुके हैं, उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की गई है। अब तक ऐसे आठ वाहन स्वामियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 30 अप्रैल 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 22.22 प्रतिशत बढ़ी है। वर्ष 2026 में एक्सप्रेस-वे पर 3, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 52, एसडीआर पर 2, ओडीआर पर 4 और ग्रामीण सड़कों पर 46 लोगों की सड़क हादसों में मृत्यु हुई।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2025-26 में गलत दिशा में वाहन चलाने पर 207 चालान, सीट बेल्ट न लगाने पर 93 चालान, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाने पर 198 चालान, नशे की हालत में वाहन चलाने पर 2 चालान तथा ओवरस्पीडिंग पर 13 चालान किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए कैमरे लगाने, ब्रीथ एनालाइजर से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए 10 विशिष्ट सुरक्षा योजनाएं तैयार की जाएं, जिससे दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि “हेलमेट लगाना जिम्मेदारी समझें, मजबूरी नहीं।”
बैठक में एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहनलाल गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामबदन राम, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी अतर सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




