पालीवाल हॉल में हुआ विशाल पंच सम्मेलन
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों पर ग्राम प्रधानों और अधिकारियों को दी गई जानकारी

पालीवाल हॉल में हुआ विशाल पंच सम्मेलन

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों पर ग्राम प्रधानों और अधिकारियों को दी गई जानकारी
फिरोजाबाद। नगर के पालीवाल हॉल में जिला प्रशासन के तत्वावधान में जनपद के ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों और खंड विकास अधिकारियों की सहभागिता में विशाल ‘पंच सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G अधिनियम-2025 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी धरातल से जुड़े जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष असीजा ने कहा कि नया अधिनियम ग्रामीण भारत के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से गांवों में रोजगार के अवसरों के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी

अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दिए जाने की जानकारी दी गई। कृषि कार्यों के मुख्य सीजन में श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का विशेष प्रावधान भी बताया गया।
318 प्रकार के टिकाऊ कार्यों पर जोर

सम्मेलन में बताया गया कि योजना के तहत कुल 318 टिकाऊ एवं उत्पादक कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें जल सुरक्षा के 107, कोर ग्रामीण अवसंरचना के 90, आजीविका संबंधी अवसंरचना के 86 और आपदा प्रबंधन से जुड़े 35 कार्य शामिल हैं।
ग्राम सभा स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एकीकृत विकास योजना तैयार किए जाने पर भी जोर दिया गया, ताकि पंचायतों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
डीएम ने कहा- अधिनियम की मंशा के अनुरूप हो काम

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना अधिनियम-2025 के प्रावधानों से संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सम्मेलन आयोजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में जनपद की सभी 564 ग्राम पंचायतों के प्रशासकों एवं प्रतिनिधियों, विकास खंड स्तर के अधिकारियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों और जनपद के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अधिनियम के तहत विकास कार्यों को चार वृहद क्षेत्रों और 38 उप-क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। सम्मेलन में इन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कार्यों और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि सम्मेलन के बाद जनपद की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और अधिनियम की मंशा के अनुरूप धरातल पर सार्थक परिणाम दिखाई देंगे।
स्रोत: जिला सूचना अधिकारी, फिरोजाबाद




