घायल कांवड़िया युवती को ट्रॉमा सेंटर में इलाज न मिलने का आरोप
घायल कांवड़िया युवती को ट्रॉमा सेंटर में इलाज न मिलने का आरोप
सिर में चोट के बाद परिजन ई-रिक्शा से निजी अस्पताल ले जाने को मजबूर, आगरा रेफर करने की बात कहने का आरोप
फिरोजाबाद में सरकारी ट्रॉमा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कांवड़ यात्रा से लौट रही एक युवती बाइक से गिरकर घायल हो गई। सिर में चोट लगने के बाद परिजन उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि घायल युवती को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के बजाय आगरा ले जाने की बात कही गई और ट्रॉमा सेंटर में उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजन घायल युवती को ई-रिक्शा से एक निजी अस्पताल लेकर जाने को मजबूर हुए।

घायल युवती के भाई संदीप का आरोप है कि उसकी बहन के सिर में गंभीर चोट लगी थी, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में समय पर इलाज नहीं मिला। परिजनों के अनुसार, अस्पताल से अपेक्षित तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

घायल मरीज को समय पर प्राथमिक और आवश्यक उपचार मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि परिजनों के आरोप सही हैं तो यह मामला सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और आपातकालीन उपचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हालांकि, इलाज में लापरवाही या उपचार से इनकार किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ट्रॉमा सेंटर अथवा अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। मामले में अस्पताल प्रशासन से स्पष्टीकरण और संबंधित अधिकारियों की जांच आवश्यक है।




