फिरोजाबाद: तीन महीने पहले बनी सड़क धंसी, दीवार गिरी; नगर निगम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
अखिलेश शर्मा बोले— घटिया निर्माण सामग्री और लीकेज नालियों के कारण हुआ हादसा, बड़ी दुर्घटना टली; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

फिरोजाबाद: तीन महीने पहले बनी सड़क धंसी, दीवार गिरी; नगर निगम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
अखिलेश शर्मा बोले— घटिया निर्माण सामग्री और लीकेज नालियों के कारण हुआ हादसा, बड़ी दुर्घटना टली; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

फिरोजाबाद में नगर निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश शर्मा ने आरोप लगाया कि हाल ही में बनी सड़क और नालियों के निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती गईं, जिसके चलते सड़क धंस गई और वर्षों पुरानी दीवार गिर गई। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी बड़े हादसे में भी बदल सकती थी।
अखिलेश शर्मा के अनुसार, मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बनाई गई नालियां कई स्थानों से लीकेज कर रही थीं और पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। लगातार रिसाव के कारण पानी दीवार की नींव में समाता गया, जिससे दीवार कमजोर होकर अचानक गिर गई। साथ ही सड़क भी कई स्थानों पर धंस गई।

उन्होंने बताया कि गिरी हुई दीवार करीब 15 से 20 वर्ष पुरानी थी और उसमें मजबूत पिलर भी बने हुए थे। इसके बावजूद लगातार पानी भरने और रिसाव के कारण पूरी दीवार धराशायी हो गई। उनका कहना है कि यदि उस समय वहां लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अखिलेश शर्मा ने बताया कि जिस स्थान पर दीवार गिरी, वहां छात्रों का खेल मैदान है। सौभाग्य से घटना के समय कोई छात्र मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दीवार गिरने से मैदान में लगे कई हरे-भरे पेड़ भी क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पेड़ जड़ से उखड़ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क और नालियों के निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुसार किया जाता तो इतनी जल्दी सड़क में दरारें नहीं पड़तीं और न ही यह धंसती। उनके अनुसार, सड़क केवल दो से तीन इंच मोटी बनाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि अंदर से सड़क खोखली दिखाई दे रही है।
अखिलेश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कई कॉलोनियों में आबादी होने के बावजूद सड़कें नहीं बनाई जा रही हैं, जबकि जहां निर्माण हो भी रहा है, वहां गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

(नोट: नगर निगम पर लगाए गए ये आरोप अखिलेश शर्मा के बयान पर आधारित हैं। नगर निगम का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)




