विश्व पर्यावरण दिवस पर चमका रपड़ी ईको टूरिज्म, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास का बना मॉडल
3.47 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगी नई सुविधाएं, सौर ऊर्जा और जैव विविधता आधारित आकर्षणों से मिलेगी नई पहचान

विश्व पर्यावरण दिवस पर चमका रपड़ी ईको टूरिज्म, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास का बना मॉडल
3.47 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगी नई सुविधाएं, सौर ऊर्जा और जैव विविधता आधारित आकर्षणों से मिलेगी नई पहचान
फिरोजाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फिरोजाबाद का रपड़ी ईको टूरिज्म सेंटर पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के सफल मॉडल के रूप में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कभी एक साधारण प्राकृतिक स्थल रहा रपड़ी आज प्रकृति संरक्षण और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभर रहा है।
प्रदेश सरकार यहां पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रही है, जिससे यह स्थल परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वर्तमान में रपड़ी में नेचर ट्रेल, व्यूइंग प्वाइंट, पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाएं और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिन्हें प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित किया गया है।
3.47 करोड़ रुपये की परियोजना से मिलेगा नया स्वरूप
राज्य सरकार रपड़ी ईको टूरिज्म स्थल के विस्तार और विकास के लिए 3.47 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य कर रही है। परियोजना के तहत आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर, बच्चों के लिए नेचर लर्निंग जोन, सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम, बेहतर पाथवे, नया प्रवेश द्वार, बलुआ पत्थर से निर्मित बैठने की व्यवस्था, उन्नत साइनेज और आकर्षक लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी।
जैव विविधता से रूबरू होंगे पर्यटक
परियोजना के अंतर्गत मगरमच्छ, डॉल्फिन, कछुआ, लकड़बग्घा और भारतीय अजगर जैसे वन्यजीवों की वास्तविक आकार की प्रतिकृतियां स्थापित की जाएंगी। इनका उद्देश्य बच्चों और पर्यटकों को जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही मौजूदा समर हट को इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आगंतुक स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
प्रकृति के अनुरूप विकास पर विशेष जोर
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि रपड़ी राज्य में संरक्षण आधारित पर्यटन विकास का उभरता हुआ उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऐसा मॉडल विकसित कर रहा है, जिसमें पर्यटन विकास पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत बनाता है। रपड़ी में कम प्रभाव वाले आधारभूत ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रकृति आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रहे विकास कार्य रपड़ी को परिवारों और प्रकृति प्रेमियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएंगे तथा यह परियोजना साबित करती है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
ईको टूरिज्म विकास बोर्ड की सोच का उदाहरण
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड प्रदेश में संरक्षण आधारित पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए समर्पित ढांचा तैयार कर रहा है। रपड़ी इसका उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य ईको टूरिज्म स्थलों पर भी इसी प्रकार के संरक्षण आधारित मॉडल लागू किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटन विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता और जैव विविधता संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।




