सांप के डंस से जिंदगी की जंग जीत गई निधि, जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने दिया नया जीवन
तीन दिन तक मौत से लड़ती रही युवती, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और परिजनों की मेहनत ने रचा नया इतिहास
सांप के डंस से जिंदगी की जंग जीत गई निधि, जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने दिया नया जीवन

तीन दिन तक मौत से लड़ती रही युवती, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और परिजनों की मेहनत ने रचा नया इतिहास

फिरोजाबाद/शिकोहाबाद।
जिंदगी और मौत के बीच चलने वाली जंग में जब उम्मीदें जवाब देने लगती हैं, तब चिकित्सा कर्मियों की मेहनत किसी चमत्कार से कम नहीं होती। ऐसा ही एक मामला फिरोजाबाद जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां जहरीले सांप के डंस का शिकार हुई शिकोहाबाद निवासी निधि यादव को डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने अथक प्रयासों के बाद नया जीवन दिया।

कान के पास सांप ने डसा, हालत हुई गंभीर
शिकोहाबाद निवासी एवं फतेहपुरा मंडई के पास मूल निवासी निधि यादव, पुत्री दिनेश कुमार यादव (फौजी), को 20 तारीख की रात एक जहरीले सांप ने कान के पास डंस लिया। कुछ ही समय में जहर का असर पूरे शरीर में फैलने लगा। परिवार के लोग उन्हें तत्काल शिकोहाबाद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल फिरोजाबाद रेफर कर दिया गया।
रास्ते में चली गई आंखों की रोशनी और सुनने की क्षमता
जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही निधि की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। उनका गला चोक होने लगा, आंखों की रोशनी चली गई और सुनाई देना भी बंद हो गया। परिजनों के अनुसार हालात इतने गंभीर थे कि बचने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी।
MICU में शुरू हुई जिंदगी बचाने की जंग
जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉ. गौरव गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने निधि का उपचार शुरू किया। उन्हें तत्काल मेडिसिन ICU (MICU) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। इलाज के दौरान वह कोमा में चली गईं और डॉक्टरों ने परिजनों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
लेकिन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने हार नहीं मानी। लगातार तीन दिनों तक गहन निगरानी और उपचार जारी रहा। आखिरकार तीसरे दिन निधि ने आंखें खोलीं और जीवन की लड़ाई में वापसी का संकेत दिया।
डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ ने निभाई अहम भूमिका
निधि के उपचार में डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिसिन ICU की पूरी नर्सिंग एवं सपोर्ट टीम ने दिन-रात मेहनत की। इस टीम में नर्सिंग ऑफिसर लालू राम, त्रिवेन्द्र प्रताप सिंह (टी.पी. सिंह), मुकेश जोशी, अरविंद कर्दम, भावना बिश्नोई, सविता कुमारी, निकेता पचौरी, नर्सिंग इंचार्ज रवि कर्दम तथा वार्ड बॉय अनिल कुमार शामिल रहे।
इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार निगरानी, दवा प्रबंधन और देखभाल के माध्यम से निधि को स्वस्थ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मेडिकल टीम की सामूहिक मेहनत का ही परिणाम रहा कि एक गंभीर मरीज को नया जीवन मिल सका।
चाचा रमाकांत यादव बने मजबूत सहारा
इस कठिन दौर में निधि के चाचा रमाकांत यादव हर समय उनके साथ खड़े रहे। अस्पताल की व्यवस्थाओं से लेकर उपचार की निगरानी तक उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिवार का मनोबल बनाए रखने और हर जरूरी व्यवस्था को संभालने में उनका योगदान सराहनीय रहा।
बेटी के स्वस्थ होने पर भावुक हुआ परिवार
निधि के पिता दिनेश कुमार यादव ने बताया कि एक समय ऐसा आ गया था जब परिवार को बेटी के बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। लेकिन डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल टीम और भगवान की कृपा से उनकी बेटी आज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट रही है।
भारतीय मजदूर संघ ने जताया आभार
निधि के स्वस्थ होने पर भारतीय मजदूर संघ की टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण और मानवता की उत्कृष्ट मिसाल है।
सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़ा विश्वास
इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा करते हैं। फिरोजाबाद जिला अस्पताल की इस उपलब्धि ने न केवल एक परिवार को खुशियां लौटाई हैं, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी मजबूत किया है।
निधि की वापसी बनी प्रेरणा
आज निधि यादव स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच हैं। उनकी यह कहानी सिर्फ एक मरीज के ठीक होने की कहानी नहीं, बल्कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, परिवार और समाज के सामूहिक प्रयासों से मौत पर मिली जिंदगी की जीत की कहानी है।




