फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज ने रची सफलता की नई कहानी, निःशुल्क नी रिप्लेसमेंट से मरीज को मिला नया जीवन
निजी अस्पतालों से निराश लौटे देवेंद्र का राजकीय मेडिकल कॉलेज में सफल ऑपरेशन, आयुष्मान योजना के तहत बिना खर्च दोनों घुटनों का हुआ प्रत्यारोपण
फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज ने रची सफलता की नई कहानी, निःशुल्क नी रिप्लेसमेंट से मरीज को मिला नया जीवन
निजी अस्पतालों से निराश लौटे देवेंद्र का राजकीय मेडिकल कॉलेज में सफल ऑपरेशन, आयुष्मान योजना के तहत बिना खर्च दोनों घुटनों का हुआ प्रत्यारोपण
फिरोजाबाद। राजकीय मेडिकल कॉलेज, फिरोजाबाद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय और जटिल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। नगला चूरा निवासी देवेंद्र, जो लंबे समय से गंभीर गठिया (आर्थराइटिस) की समस्या से जूझ रहे थे, अब सफल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं।
देवेंद्र के दोनों घुटने पूरी तरह टेढ़े हो चुके थे और उनकी दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो गई थीं। उन्होंने कई निजी अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन हर जगह उन्हें भारी खर्च का हवाला देकर आगरा रेफर कर दिया गया। आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान देवेंद्र ने आखिरकार राजकीय मेडिकल कॉलेज, फिरोजाबाद का रुख किया।
मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग में डॉ. चंद्रकांत गौतम ने उनकी जांच की और एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद जटिल स्थिति का आकलन किया। इसके बावजूद उन्होंने मरीज को भरोसा दिलाया कि अब इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है और ऑपरेशन फिरोजाबाद में ही सफलतापूर्वक किया जाएगा।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. विपुल अग्रवाल, डॉ. चंद्रकांत गौतम और डॉ. राजेंद्र शामिल रहे। टीम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत देवेंद्र के दोनों घुटनों का सफल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन किया। सबसे बड़ी बात यह रही कि मरीज को उपचार के लिए कोई आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा।
ऑपरेशन के कुछ सप्ताह बाद देवेंद्र अब बिना किसी सहारे के खड़े होने और चलने में सक्षम हैं। पोस्ट-ऑपरेशन रिपोर्ट में लगाए गए इम्प्लांट्स भी पूरी तरह सफल पाए गए हैं।
यह सफलता न केवल मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग की उपलब्धि है, बल्कि उन हजारों मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण है जो आर्थिक कारणों से बेहतर इलाज से वंचित रह जाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
देवेंद्र की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज अब जिले के मरीजों के लिए भरोसे और उम्मीद का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।




