आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल, मार्च 2027 तक पूरी होगी वृहद योजना: केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल
एटा के मड़ेरा स्थित 456 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होगी जलापूर्ति, जलेसर को योजना में शामिल करने और आगरा में यमुना बैराज निर्माण की उठाई मांग

आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल, मार्च 2027 तक पूरी होगी वृहद योजना: केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल
एटा के मड़ेरा स्थित 456 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होगी जलापूर्ति, जलेसर को योजना में शामिल करने और आगरा में यमुना बैराज निर्माण की उठाई मांग
अवागढ़/एटा। आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने बताया कि इन जनपदों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए सतह (नहर) आधारित ग्राम समूह पेयजल योजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने एटा जनपद के अवागढ़ क्षेत्र स्थित मड़ेरा गांव में स्थापित 456 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की समीक्षा की। इस प्लांट में नहर के जल को शोधित कर आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यदायी संस्था एनसीसी और मेघा कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
जलेसर को योजना में शामिल करने की मांग
प्रो. बघेल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री को पत्र भेजकर जलेसर विधानसभा क्षेत्र को भी इस पेयजल योजना में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गंग नहर से गंगा जल आगरा और फिरोजाबाद तक पहुंचाने वाली पाइपलाइन जलेसर क्षेत्र से होकर गुजरती है, लेकिन पूर्व में भेजी गई एक त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट के कारण जलेसर को योजना से बाहर रखा गया।
उन्होंने बताया कि जलेसर विधानसभा के अधिकांश गांवों में खारा और दूषित भूजल उपलब्ध है, जिससे लोगों को अशुद्ध पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में मड़ेरा स्थित 456 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित जल की आपूर्ति जलेसर क्षेत्र तक भी की जानी चाहिए।
आगरा में यमुना बैराज निर्माण की मांग
केंद्रीय राज्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को पत्र लिखकर आगरा में यमुना नदी पर बैराज निर्माण की मांग भी उठाई है। उन्होंने कहा कि आगरा में पिछले लगभग 50 वर्षों से बैराज निर्माण की मांग की जा रही है।
प्रो. बघेल के अनुसार आगरा के 15 ब्लॉकों में से 14 ब्लॉक डार्क जोन घोषित हो चुके हैं, जिससे भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। यमुना पर बैराज बनने से भूजल स्तर में सुधार होगा, पेयजल की गुणवत्ता बेहतर होगी और ऐतिहासिक ताजमहल की बुनियाद में आवश्यक नमी भी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बैराज निर्माण से यमुना रिवर फ्रंट के विकास को भी गति मिलेगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों के रात्रि विश्राम की संभावनाएं बढ़ेंगी। केंद्रीय मंत्री ने जल विशेषज्ञों और अभियंताओं की टीम से शीघ्र सर्वेक्षण कराकर उचित स्थान पर बैराज निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है।




