रात के अंधेरे में मिलावट का खेल बेनकाब, 3 कुंतल संदिग्ध पनीर नष्ट
रात के अंधेरे में मिलावट का खेल बेनकाब, 3 कुंतल संदिग्ध पनीर नष्ट

खाद्य विभाग की छापेमार कार्रवाई में खुला मिलावटखोरों का राज, रिफाइंड तेल और डिटर्जेंट पाउडर की मिलावट की आशंका, नमूने जांच को भेजे गए
फिरोजाबाद। जनपद में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रात के अंधेरे में चल रहे संदिग्ध पनीर के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय चन्दन पाण्डेय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोफीपुर क्षेत्र में देर रात विशेष अभियान चलाकर करीब 3 कुंतल संदिग्ध पनीर को नष्ट कराया।
जानकारी के अनुसार, विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फतेहाबाद से वाहन संख्या यूपी-80-एचए-3284 में बड़ी मात्रा में पनीर फिरोजाबाद लाया जा रहा है, जिसमें मिलावट होने की आशंका है। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और जांच शुरू की।
जांच के दौरान वाहन में मौजूद पनीर से दुर्गंध आ रही थी। पूछताछ में पहले तो संबंधित कारोबारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने पनीर के मिलावटी होने की बात स्वीकार कर ली। बताया गया कि पनीर आगरा स्थित “माँ वैष्णवी डेयरी” से लाया जा रहा था।
खाद्य विभाग ने मौके पर पनीर के दो नमूने संग्रहित किए और करीब 3 कुंतल संदिग्ध पनीर को नष्ट करा दिया। विभाग को आशंका है कि पनीर में रिफाइंड तेल और डिटर्जेंट पाउडर जैसी खतरनाक सामग्री की मिलावट की गई थी। अब नमूनों को त्वरित जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) चन्दन पाण्डेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बाहरी जिलों से रात्रिकालीन वाहनों के जरिए मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी के चलते विशेष निगरानी और रात्रि गश्त बढ़ाई गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जनपद में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विभाग द्वारा दूध, दही, पनीर, सॉस, जैम, जेली और अचार जैसे खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान कुल 5 नमूने संग्रहित किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर खाद्य रंगों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।
खाद्य विभाग ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध एवं सस्ते खाद्य पदार्थों की खरीद से बचें। यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार रिफाइंड तेल और डिटर्जेंट पाउडर जैसी मिलावट पाए जाने पर दोषियों को 6 वर्ष तक की सजा हो सकती है।




