सुरेल नगला कां्छी की बेटी ज्योति बनीं मिसाल, ग्राम पुस्तकालय से पढ़ाई कर पास की यूपी पुलिस परीक्षा
प्रशासन की पहल और खुद के संघर्ष से बदली जिंदगी, गांव की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

सुरेल नगला कां्छी की बेटी ज्योति बनीं मिसाल, ग्राम पुस्तकालय से पढ़ाई कर पास की यूपी पुलिस परीक्षा
प्रशासन की पहल और खुद के संघर्ष से बदली जिंदगी, गांव की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
फिरोजाबाद। जसराना ब्लॉक के छोटे से गांव सुरेल नगला कां्छी की रहने वाली कु. ज्योति शाक्य ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और सही दिशा मिल जाए, तो गांव की बेटियां भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ज्योति ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा पास कर खाकी वर्दी पहनने का अपना सपना पूरा कर लिया।
ज्योति के पिता देवेन्द्र सिंह साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी ज्योति बचपन से ही पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहती थीं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें, शांत माहौल और आधुनिक संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी।
इसी बीच उत्तर प्रदेश शासन की युवा सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास योजना के तहत ग्राम पंचायत सुरेल नगला कां्छी में आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना की गई। इस पुस्तकालय ने ज्योति के सपनों को नई उड़ान दी। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मानक पुस्तकें और पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।
पुस्तकालय में अन्य छात्रों के साथ पढ़ाई करने से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बना और ज्योति का शहर आने-जाने का समय व खर्च भी बच गया। इसका फायदा उठाते हुए उन्होंने घंटों मेहनत की और पूरी लगन के साथ तैयारी कर यूपी पुलिस परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
आज ज्योति शाक्य न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी सफलता गांव की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। यह उपलब्धि प्रशासन की दूरदर्शी सोच और ग्रामीण युवाओं को आगे बढ़ाने की नीतियों का भी उदाहरण मानी जा रही है।
गांव में बना यह पुस्तकालय अब केवल एक भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों को साकार करने वाला आधुनिक ज्ञान मंदिर बन चुका है।




