गंगा दशहरा पर प्रशासन का महा-प्लान: घाटों पर गोताखोर, मेडिकल कैंप और मोबाइल टॉयलेट्स रहेंगे तैनात
यमुना घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन व सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक, श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील

गंगा दशहरा पर प्रशासन का महा-प्लान: घाटों पर गोताखोर, मेडिकल कैंप और मोबाइल टॉयलेट्स रहेंगे तैनात
यमुना घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन व सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक, श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील
फिरोजाबाद। गंगा दशहरा महापर्व के अवसर पर यमुना नदी के घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, मोबाइल टॉयलेट्स, मेडिकल कैंप, पेयजल व्यवस्था और अस्थाई सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जन आधार कल्याण समिति की पहल पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं एसडीएम सदर सत्येंद्र सिंह के निर्देशानुसार तहसील सदर सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा गंगा दशहरा पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की।
बैठक में समाजसेवियों ने सुझाव दिया कि 23 जून की शाम से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा, इसलिए गहरे पानी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर रंगीन झंडियों और मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्थानीय गोताखोरों और जल पुलिस की नावों को तैनात करने की भी मांग की गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोबाइल टॉयलेट्स वैन, स्वास्थ्य शिविर, डॉक्टरों की टीम, जीवन रक्षक दवाएं, शुद्ध पेयजल और लाउडस्पीकर युक्त सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, अस्थाई पार्किंग, बैरियर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तहसीलदार सदर अजय कुमार ने सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि आस्था का सम्मान तभी संभव है जब सुरक्षा और स्वच्छता दोनों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी स्वयंसेवी संगठनों और वॉलिंटियर्स का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
बैठक में उपस्थित समाजसेवियों ने एक स्वर में संदेश दिया— “आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, मां यमुना को स्वच्छ बनाएं, आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित और भव्य बनाएं।”
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की विशेष एडवाइजरी
घाटों पर लगाई गई बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरों को पार न करें।
केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
बच्चों और बुजुर्गों के पास नाम, पता और मोबाइल नंबर की पर्ची अवश्य रखें।
पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट यमुना में न डालें।
भीषण गर्मी को देखते हुए पानी की बोतल और छाता साथ रखें।
वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें।
प्रशासन का लक्ष्य इस बार गंगा दशहरा महापर्व को “जीरो इंसिडेंट” के साथ संपन्न कराना है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में आस्था की डुबकी लगा सकें और यमुना की स्वच्छता भी बनी रहे।




