फिरोजाबाद में नर्सिंग छात्र-छात्राओं को दी गई विधिक और सामाजिक जागरूकता की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा फिरोजाबाद स्कूल ऑफ नर्सिंग में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर

फिरोजाबाद में नर्सिंग छात्र-छात्राओं को दी गई विधिक और सामाजिक जागरूकता की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा फिरोजाबाद स्कूल ऑफ नर्सिंग में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर
फिरोजाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद के तत्वावधान में बुधवार को फिरोजाबाद स्कूल ऑफ नर्सिंग में नर्सिंग के छात्र-छात्राओं के लिए विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष डॉ. बब्बू सारंग के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सामाजिक, स्वास्थ्य एवं विधिक विषयों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा ज्ञान के साथ-साथ कानून, सामाजिक जिम्मेदारियों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना भी बेहद जरूरी है।
PCPNDT एक्ट और बेटी बचाओ अभियान पर दिया गया विशेष जोर
शिविर में PCPNDT Act के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए गंभीर समस्या है और लिंग परीक्षण व भ्रूण हत्या कानूनन दंडनीय अपराध हैं। छात्र-छात्राओं को अधिनियम के प्रावधानों और बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान को सफल बनाने का संदेश भी दिया गया।
नशा मुक्ति और तनाव प्रबंधन पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में युवाओं को शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए नशा मुक्त समाज बनाने का आह्वान किया गया। छात्र-छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा तनाव प्रबंधन विषय पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, योग, ध्यान और संतुलित दिनचर्या अपनाने के उपाय बताए गए, ताकि वे मानसिक तनाव से दूर रह सकें।
महिला अधिकार, साइबर अपराध और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
शिविर के दौरान महिला अधिकार, साइबर अपराध से बचाव, घरेलू हिंसा अधिनियम, हेल्पलाइन सेवाओं और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गए। सभी प्रतिभागियों ने शिविर को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की।




