फिरोजाबाद के कांच उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर
निर्यात प्रोत्साहन एवं ई-कॉमर्स संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने उद्यमियों को बताए अंतरराष्ट्रीय बाजार और डिजिटल कारोबार के तरीके

फिरोजाबाद के कांच उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

निर्यात प्रोत्साहन एवं ई-कॉमर्स संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने उद्यमियों को बताए अंतरराष्ट्रीय बाजार और डिजिटल कारोबार के तरीके
फिरोजाबाद। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय आगरा की ओर से फिरोजाबाद के होटल पैराडोर में निर्यात प्रोत्साहन एवं ई-कॉमर्स विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य फिरोजाबाद के कांच उद्योग और स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, आधुनिक निर्यात प्रक्रियाओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-डीएफओ आगरा के निदेशक विष्णु कुमार वर्मा, सीडीजीआई के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल और उपायुक्त उद्योग संध्या यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। एमएसएमई-डीएफओ आगरा के सहायक निदेशक अभिषेक सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।
अध्यक्षीय संबोधन में निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि फिरोजाबाद के उद्यमियों में वैश्विक बाजार में आगे बढ़ने की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे उद्यमियों को भी वैश्विक खरीदारों और आधुनिक ई-कॉमर्स नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। गुणवत्ता प्रमाणन, बेहतर पैकेजिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल से जिले के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।
सीडीजीआई के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल ने कहा कि फिरोजाबाद का कांच उद्योग देश और विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने उद्यमियों से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ नए डिजाइन और तकनीकी नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए सीडीजीआई की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग संध्या यादव ने स्थानीय उद्यमियों को क्लस्टर स्तर पर संगठित होकर आधुनिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता बताई। ग्लास एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कुमार बंसल ने भी कांच उद्योग से जुड़े उद्यमियों की जरूरतों और निर्यात की संभावनाओं पर विचार रखे।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विभिन्न विभागों और संस्थानों के विशेषज्ञों ने उद्यमियों को निर्यात से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। एफआईईओ के आलोक श्रीवास्तव ने विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने, खरीदारों की तलाश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी के बारे में जानकारी दी।
भारतीय मानक ब्यूरो के वैज्ञानिक-एफ कौशिक दत्ता ने उत्पाद मानकीकरण और बीआईएस प्रमाणन के महत्व को समझाया। पंजाब नेशनल बैंक के सहायक महाप्रबंधक माधव कुमार ने निर्यात वित्त, लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी।
उद्योग विभाग के सहायक आयुक्त उद्योग संदीप यादव ने उत्तर प्रदेश की निर्यात प्रोत्साहन नीतियों और उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहायक प्रोफेसर तुषार बंद्योपाध्याय ने कांच के नाजुक उत्पादों के लिए सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग व लेबलिंग के बारे में बताया।
आगरा प्रधान डाकघर के वरिष्ठ पोस्टमास्टर शशिकांत जैन ने डाक निर्यात सुविधा के बारे में जानकारी दी। वहीं ईसीजीसी के कार्यकारी अधिकारी मनीष बोरकर ने विदेशी खरीदारों से जुड़े भुगतान जोखिमों और निर्यात ऋण बीमा के संबंध में जानकारी साझा की।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के प्रबंधक तुषार अग्रवाल ने सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में बताया। वॉलमार्ट वृद्धि के राज्य प्रमुख विकास त्यागी ने डिजिटल क्षमता विकास और घरेलू तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने के अवसरों की जानकारी दी।
एमएसएमई-डीएफओ के सहायक निदेशक अभिषेक सिंह ने उद्यमियों से पीएम विश्वकर्मा, क्लस्टर विकास और क्रेडिट गारंटी सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ। इसमें निर्यातकों, उद्यमियों और हस्तशिल्पियों ने पैकेजिंग, सीमा शुल्क, वित्तीय सहायता और डिजिटल कैटलॉगिंग से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने मौके पर ही उनके सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम के अंत में सीडीजीआई फिरोजाबाद के उपनिदेशक रोहित सिंह ने अतिथियों, वक्ताओं और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में जिले के प्रमुख निर्यातक, कांच उद्योग से जुड़े उद्यमी, निर्यातक संघों के प्रतिनिधि और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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