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तिरंगे झंडों की गुणवत्ता पर सपा ने उठाए सवाल, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

नगर निगम में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगाए गए झंडों में कटे-फटे, गंदे और पुराने झंडे मिलने का आरोप; सपा ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

तिरंगे झंडों की गुणवत्ता पर सपा ने उठाए सवाल, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

 

नगर निगम में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगाए गए झंडों में कटे-फटे, गंदे और पुराने झंडे मिलने का आरोप; सपा ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

 

फिरोजाबाद। स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगाए गए तिरंगे झंडों की गुणवत्ता को लेकर फिरोजाबाद में सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने नगर निगम में झंडों की खरीद और वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

 

सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव के नेतृत्व में बुधवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तिरंगे झंडों की खरीद, भुगतान, प्राप्ति और वितरण की जांच कराने की मांग की।

 

सपा नेताओं का दावा है कि नगर निगम के लिए 1 लाख 28 हजार तिरंगे झंडे मंगाए जाने थे। आरोप है कि इनमें से करीब 50 हजार झंडे उपलब्ध कराए गए, लेकिन वितरण के दौरान कुछ पार्षदों ने झंडों की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई।

 

सपा का आरोप है कि जांच और गिनती के दौरान करीब 25 हजार झंडे कटे-फटे, गंदे या पुराने पाए गए। पार्टी ने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय पर्व से जुड़े अभियान में यदि क्षतिग्रस्त या पुराने तिरंगे वितरित किए जा रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

 

सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा देश की आन-बान-शान का प्रतीक है और उसके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कितने झंडे खरीदे गए, कितने प्राप्त हुए और कितने वितरित किए गए, इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।

 

सपा ने खरीद प्रक्रिया, भुगतान और वितरण की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

हालांकि, झंडों की संख्या, उनकी गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अब जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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