फिरोजाबाद में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, बिना अनुमति बढ़ोतरी पर कार्रवाई के निर्देश
शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 व 2020 का पालन अनिवार्य, डीआईओएस ने प्रबंधकों को जारी किए निर्देश

फिरोजाबाद में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, बिना अनुमति बढ़ोतरी पर कार्रवाई के निर्देश
शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 व 2020 का पालन अनिवार्य, डीआईओएस ने प्रबंधकों को जारी किए निर्देश
फिरोजाबाद:
जनपद में संचालित स्ववित्त पोषित (निजी) विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को शुल्क संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला शुल्क नियामक समिति के सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधित अधिनियम 2020 के प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व में 21 अप्रैल 2025 और 31 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठकों में भी जिलाधिकारी द्वारा सभी निजी विद्यालयों को इन नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब दोबारा सख्ती बरतते हुए सभी स्कूलों को चेताया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के शैक्षणिक सत्र के दौरान तय शुल्क से अधिक वसूली नहीं की जाएगी।
किसी भी प्रकार का कैपिटेशन फीस (डोनेशन) लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
प्रत्येक शुल्क के बदले विद्यालय को रसीद देना अनिवार्य होगा।
छात्र-छात्राओं को किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री किसी एक निश्चित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
विद्यालय की यूनिफॉर्म में पांच वर्षों से पहले बदलाव नहीं किया जाएगा, विशेष स्थिति में समिति की अनुमति आवश्यक होगी।
फीस बढ़ोतरी पर भी नियंत्रण:
अधिनियम के अनुसार, विद्यालय केवल अध्यापकों के वेतन में हुई औसत वृद्धि के आधार पर ही फीस में संशोधन कर सकते हैं। साथ ही यह बढ़ोतरी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और कुल फीस के निर्धारित प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता बनाए रखें और शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।




