फिरोजाबाद में बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गौशालाओं की स्थिति पर उठाए सवाल, सरकार और नेताओं पर साधा निशाना
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई, बुलडोजर कार्रवाई को बताया ‘सिलेक्टिव’, बंगाल सरकार और यूपी सरकार पर भी की तीखी टिप्पणी
फिरोजाबाद में बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गौशालाओं की स्थिति पर उठाए सवाल, सरकार और नेताओं पर साधा निशाना

गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई, बुलडोजर कार्रवाई को बताया ‘सिलेक्टिव’, बंगाल सरकार और यूपी सरकार पर भी की तीखी टिप्पणी

फिरोजाबाद। गविष्ठि (गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत फिरोजाबाद पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत में गौ संरक्षण, गौशालाओं की स्थिति, पश्चिम बंगाल में गोवंश से जुड़े कानून, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न राजनीतिक बयानों पर खुलकर अपनी बात रखी।

पश्चिम बंगाल में 14 वर्ष से अधिक आयु के गोवंश को काटने की अनुमति संबंधी नियम पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का “नकली हिंदुत्व” उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि गाय को 14 वर्ष तक माता मानना और उसके बाद वध की अनुमति देना हिंदुत्व की मूल भावना के विपरीत है।
उत्तर प्रदेश की गौशालाओं की स्थिति पर उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि यात्रा के दौरान अनेक स्थानों पर लोगों ने गौशालाओं की बदहाल स्थिति की शिकायत की। उन्होंने कहा कि कई जगह गौ आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए पर्याप्त भोजन और देखभाल की व्यवस्था नहीं है। एक गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण करने का प्रयास करने पर उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे स्थिति को लेकर उनके संदेह और गहरे हो गए।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने मांसाहार को केवल मुसलमानों से जोड़ना गलत बताया था, शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू और मुसलमानों की धार्मिक मान्यताओं में अंतर है। उन्होंने मौलाना द्वारा कुर्बानी में गाय का वध न करने की बात का स्वागत किया, लेकिन कहा कि कोई भी हिंदू गौमांस का सेवन नहीं करता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर कि “मां और बेटे के बीच घोषणा की जरूरत नहीं होती”, शंकराचार्य ने कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है तो उसे राष्ट्रमाता घोषित करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में गाय को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं, इसलिए स्पष्ट घोषणा आवश्यक है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म के आधार पर एनकाउंटर किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे इस आरोप का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह जरूर मानते हैं कि यदि बुलडोजर और एनकाउंटर की नीति पूरी तरह प्रभावी होती तो अपराधियों में भय दिखाई देता। उन्होंने कहा कि अपराध लगातार हो रहे हैं, जिससे प्रतीत होता है कि कार्रवाई सभी पर समान रूप से नहीं हो रही।
भाजपा के उपमुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष को सत्ता में आने के लिए 2047 तक इंतजार करने वाले बयान पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह पक्ष और विपक्ष का राजनीतिक विषय है।
उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृत एवं पर्यटन मंत्री द्वारा उन्हें “फर्जी शंकराचार्य” बताए जाने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि वे फर्जी हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भेजे गए नोटिस का उन्होंने प्रमाण सहित जवाब दिया था, जिसके बाद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी करके जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मीडिया वार्ता के दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग एक बार फिर दोहराई।




