विश्व स्तनपान सप्ताह 2026: तृतीय दिवस पर जागरूकता रैली निकाल माताओं को स्तनपान के लिए किया प्रेरित
कॉलेज ऑफ नर्सिंग, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में छात्र-छात्राओं ने दिया जन-जागरूकता का संदेश

विश्व स्तनपान सप्ताह 2026: तृतीय दिवस पर जागरूकता रैली निकाल माताओं को स्तनपान के लिए किया प्रेरित
कॉलेज ऑफ नर्सिंग, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में छात्र-छात्राओं ने दिया जन-जागरूकता का संदेश
फिरोजाबाद, 3 अगस्त 2026।
विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अंतर्गत तृतीय दिवस पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद द्वारा व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं आमजन को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर बी.एससी. नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर (सत्र 2025-26) के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद डॉ. योगेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रधानाचार्य डॉ. पीकेश कुमार एवं उप-प्राचार्य डॉ. सीमा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान नर्सिंग ट्यूटर डॉ. अनामिका सिंह प्रधान, रोहित जैन तथा नर्सिंग संकाय के अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व नर्सिंग ट्यूटर डॉ. अनामिका सिंह प्रधान एवं रोहित जैन ने किया। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने स्तनपान के महत्व से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां एवं स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान “माँ का दूध, शिशु का पहला अधिकार”, “पहले छह माह केवल माँ का दूध” और “स्वस्थ बचपन की पहली सीढ़ी, माँ का दूध” जैसे संदेश देकर लोगों को स्तनपान के प्रति जागरूक किया गया।
इसके उपरांत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं एवं उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर स्तनपान के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जन्म के प्रथम एक घंटे के भीतर नवजात शिशु को स्तनपान अवश्य प्रारंभ कराया जाना चाहिए तथा जीवन के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि माँ का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है, जो शिशु को आवश्यक पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रदान करता है। साथ ही माताओं को स्तनपान की सही विधि, उसके वैज्ञानिक लाभ एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
बी.एससी. नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने माताओं को नियमित रूप से स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया और बताया कि स्तनपान न केवल शिशु बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक हुआ। उपस्थित माताओं एवं उनके परिजनों ने स्तनपान के महत्व को समझते हुए नवजात शिशुओं को नियमित रूप से माँ का दूध पिलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग संकाय के सभी सदस्यों एवं विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग रहा।




