Welcome to PCTNews   Click to listen highlighted text! Welcome to PCTNews
यूपीराज्यलोकल न्यूज़

फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर की बदहाल व्यवस्था: एक्स-रे के इंतजार में 4 घंटे स्ट्रेचर पर तड़पता रहा घायल

बिजली और मशीन का हवाला देकर टालते रहे कर्मचारी, परिजनों ने किया हंगामा; सीएमएस बोले- बिजली आपूर्ति बाधित होने से नहीं हो सका एक्स-रे

फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर की बदहाल व्यवस्था: एक्स-रे के इंतजार में 4 घंटे स्ट्रेचर पर तड़पता रहा घायल

Oplus_16908288

बिजली और मशीन का हवाला देकर टालते रहे कर्मचारी, परिजनों ने किया हंगामा; सीएमएस बोले- बिजली आपूर्ति बाधित होने से नहीं हो सका एक्स-रे

Oplus_16908288

फिरोजाबाद। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में एक घायल युवक को एक्स-रे कराने के लिए करीब चार घंटे तक स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ा। समय पर जांच न होने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए नारेबाजी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगला मिर्जा छोटा निवासी 32 वर्षीय अरविंद छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। सुबह करीब 10 बजे चिकित्सकों ने एक्स-रे कराने की सलाह दी, लेकिन दोपहर लगभग 2 बजे तक जांच नहीं हो सकी।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मचारी कभी बिजली न होने तो कभी मशीन लोड न लेने का हवाला देकर उन्हें लगातार इंतजार कराते रहे। इस दौरान घायल दर्द से कराहता रहा और स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया।
घायल की बहन राखी ने भावुक होकर कहा कि यदि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होती तो वह भाई का इलाज किसी निजी अस्पताल में कराती, लेकिन मजबूरी में सरकारी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

वहीं, मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण एक्स-रे नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर की एक्स-रे मशीन जनरेटर से संचालित नहीं होती, इसलिए बिजली आने तक जांच संभव नहीं थी।
घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के उपचार में इस तरह की देरी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!