रोवर तकनीक से होगा नैपई की प्राकृतिक झील का डिजिटल सीमांकन, ईको टूरिज्म हब के रूप में होगा विकास
डीएम संतोष कुमार शर्मा ने किया स्थलीय निरीक्षण, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश; नई पैमाइश पद्धति से भूमि विवादों में आएगी कमी

रोवर तकनीक से होगा नैपई की प्राकृतिक झील का डिजिटल सीमांकन, ईको टूरिज्म हब के रूप में होगा विकास
डीएम संतोष कुमार शर्मा ने किया स्थलीय निरीक्षण, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश; नई पैमाइश पद्धति से भूमि विवादों में आएगी कमी
फिरोजाबाद, 03 जुलाई।
जनपद के विकास खंड नारखी स्थित राजस्व ग्राम नैपई के मौजा कपावली में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग की नई डिजिटल पैमाइश प्रणाली “रोवर” की कार्यप्रणाली और उसके लाभों से ग्रामीणों को अवगत कराना तथा गांव में स्थित सदियों पुरानी प्राकृतिक झील का डिजिटल सीमांकन कर उसकी सीमाओं को सुरक्षित करना था।
जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 7 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली इस प्राकृतिक झील को भविष्य में ईको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके चारों ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनपद को औद्योगिक विकास के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हों तथा प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। झील के विकास कार्य पर्यटन विभाग, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के समन्वय से किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि रोवर तकनीक के माध्यम से होने वाली सटीक डिजिटल पैमाइश से भूमि संबंधी विवादों में भी कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




