फिरोजाबाद: निराश्रित पेंशन सत्यापन में बड़ा खुलासा, 252 मृत महिलाओं के खातों में जा रही थी पेंशन
घर, कार-ट्रैक्टर और सरकारी नौकरी वाले परिवार भी उठा रहे थे योजना का लाभ, अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई शुरू

फिरोजाबाद: निराश्रित पेंशन सत्यापन में बड़ा खुलासा, 252 मृत महिलाओं के खातों में जा रही थी पेंशन
घर, कार-ट्रैक्टर और सरकारी नौकरी वाले परिवार भी उठा रहे थे योजना का लाभ, अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई शुरू
फिरोजाबाद। जनपद में निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन अभियान में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई है, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद सरकारी पेंशन का लाभ ले रही थीं।
विभागीय टीम द्वारा गांव-गांव जाकर किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि कुछ महिलाओं के पास पक्के मकान, कार और ट्रैक्टर जैसी संपत्तियां हैं। वहीं कई मामलों में लाभार्थियों के बेटे सरकारी सेवा में कार्यरत पाए गए, इसके बावजूद वे निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ ले रही थीं।
पुनर्विवाह के बाद भी विधवा बताकर लेती रहीं पेंशन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं ने पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह कर लिया था, लेकिन विभागीय अभिलेखों में स्वयं को विधवा दर्शाकर पेंशन प्राप्त करती रहीं। ऐसे मामलों को भी चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
252 मृत महिलाओं के खातों में पहुंच रही थी पेंशन
सत्यापन अभियान का सबसे बड़ा खुलासा उन 252 मामलों में हुआ, जिनमें लाभार्थी महिलाओं की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनके बैंक खातों में लगातार पेंशन की राशि भेजी जा रही थी। विभाग ने ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर संबंधित खातों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपात्र लाभार्थियों से होगी वसूली
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में चिन्हित अपात्र लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से बंद की जाएगी। साथ ही नियमों के तहत अब तक प्राप्त की गई पेंशन राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाना उद्देश्य
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे। अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे सत्यापन अभियान जारी रहेंगे।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक पात्र महिलाओं को उनका अधिकार मिल सकेगा।




