मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के बाद टूंडला जंक्शन से हटाई गई हनुमानजी की प्रतिमा
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मंदिर और मजार के स्थानांतरण की प्रक्रिया, दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से सहमति के बाद कार्रवाई का दावा

मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के बाद टूंडला जंक्शन से हटाई गई हनुमानजी की प्रतिमा
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मंदिर और मजार के स्थानांतरण की प्रक्रिया, दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से सहमति के बाद कार्रवाई का दावा

फिरोजाबाद/टूंडला। टूंडला जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन के बीच स्थित श्री हनुमान मंदिर के स्थानांतरण की प्रक्रिया बुधवार को शुरू हुई। मंदिर को स्थानांतरित किए जाने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्टेशन परिसर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हनुमान चालीसा का पाठ और मंत्रोच्चारण के बाद हनुमानजी की प्रतिमा को नए स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मंदिर के स्थानांतरण को देखते हुए रेलवे स्टेशन परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों की निगरानी में धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराई गई। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में मौजूद साधु-संतों ने वहां रखा सामान बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने हनुमानजी के जयकारे भी लगाए।

रेलवे प्रशासन के मुताबिक टूंडला रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के विकास, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन के बीच स्थित हनुमान मंदिर तथा प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर स्थित मजार को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
रेल प्रशासन का कहना है कि दोनों धार्मिक स्थलों के स्थानांतरण को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बातचीत की गई थी। इसके बाद दोनों धार्मिक स्थलों के लिए नए स्थान आवंटित किए गए हैं।
बुधवार को पहले हनुमान मंदिर के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, रेलवे प्रशासन के अनुसार दोपहर की नमाज के बाद मजार को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
डिप्टी सीटीएम अमित आनंद के अनुसार, मंदिर और मजार के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूर्व नियोजित है। दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ हुई सहमति के बाद पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से कराई जा रही है।

फिलहाल टूंडला जंक्शन पर मंदिर के स्थानांतरण के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन के विकास कार्यों के तहत दोनों धार्मिक स्थलों को निर्धारित नए स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।




