मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण में मिलीं खामियां, डीएम ने इंजीनियर को लगाई फटकार
पुल खड़ीत एका में 24.19 करोड़ रुपये की परियोजना का औचक निरीक्षण, जंग लगी सरिया और खराब गुणवत्ता पर जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण में मिलीं खामियां, डीएम ने इंजीनियर को लगाई फटकार
पुल खड़ीत एका में 24.19 करोड़ रुपये की परियोजना का औचक निरीक्षण, जंग लगी सरिया और खराब गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को विकासखंड एका के पुल खड़ीत स्थित निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके पर मौजूद इंजीनियर को फटकार लगाई। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को विशेषज्ञ तकनीकी टीम गठित कर पूरे निर्माण कार्य की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, उप जिलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
करीब 28.2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बन रहे इस विद्यालय का निर्माण लगभग 24 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। परियोजना का कार्य जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और इसे जनवरी 2027 तक पूरा किया जाना है। हालांकि वर्तमान प्रगति को देखते हुए जिलाधिकारी ने कार्य की गति पर असंतोष जताया और निर्माण एजेंसी को तेजी लाने के निर्देश दिए।
जंग लगी सरिया और खराब फिनिशिंग पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण की फिनिशिंग संतोषजनक नहीं मिली। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि निर्माण कार्य में जंग लगी सरिया का उपयोग किया जा रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि विशेषज्ञों की तकनीकी टीम गठित कर पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराई जाए और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
पेयजल और खेल मैदान की व्यवस्थाओं की भी ली जानकारी
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा खेल मैदान के विकास की योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय में बच्चों की मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
जनवरी 2027 तक गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय-सीमा जनवरी 2027 तक निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि अगली जांच में भी निर्माण कार्य में खामियां मिलीं तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




