एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत न्यायालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण, जिला कारागार का भी किया गया निरीक्षण
जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प, डीएलएसए सचिव सुश्री योगेश शिवा ने जेल में बंदियों को विधिक सहायता और सुविधाओं का लिया जायजा

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत न्यायालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण, जिला कारागार का भी किया गया निरीक्षण
जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प, डीएलएसए सचिव सुश्री योगेश शिवा ने जेल में बंदियों को विधिक सहायता और सुविधाओं का लिया जायजा
फिरोजाबाद।
माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशानुसार संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 12 जुलाई 2026 को जनपद न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अध्यक्ष डॉ. बब्बू सारंग ने किया। इस दौरान जनपद के सभी न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. बब्बू सारंग ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का संदेश देता है। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए।
वहीं, मंगलवार 14 जुलाई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पात्र बंदियों को समयबद्ध एवं प्रभावी निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
सचिव सुश्री योगेश शिवा ने कारागार प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर विधिक सेवा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक प्रभावी एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है। कारागार में निरुद्ध प्रत्येक बंदी को उसके विधिक अधिकारों की जानकारी और समय पर आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। नियमित निरीक्षणों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी पात्र बंदी विधिक सहायता से वंचित न रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, विधिक जागरूकता और समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय तक समान एवं सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।




