फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर में लापरवाही की हद: मरीज को गोद में उठाकर पहुंचाना पड़ा इमरजेंसी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
सरकार के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरे हालात—स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर में लापरवाही की हद: मरीज को गोद में उठाकर पहुंचाना पड़ा इमरजेंसी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

सरकार के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरे हालात—स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

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फिरोजाबाद। जनपद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां एक घायल मरीज को उसके परिजन गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले जाने को मजबूर हो गए। यह घटना न सिर्फ अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर चिंता जताती है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि इमरजेंसी जैसी अहम जगह पर भी स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं है। मौके पर न तो कोई वार्ड बॉय मिला और न ही कोई कर्मचारी जो मरीज को तत्काल सहायता दे सके। मजबूरन परिजनों को ही मरीज को उठाकर अंदर ले जाना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में यह स्थिति कोई नई नहीं है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीज यहां लाए जाते हैं, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं में लगातार लापरवाही देखने को मिलती है। मरीजों के परिजनों को खुद स्ट्रेचर ढूंढना पड़ता है, और कई बार समय पर इलाज न मिलने से जोखिम भी बढ़ जाता है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने भी अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए थे। सरकार की मंशा साफ है कि आम जनता को बेहतर और त्वरित इलाज मिले।
लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सरकार के प्रयासों पर पानी फेरती नजर आ रही है। सवाल उठता है कि जब उच्च स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, तो स्थानीय स्तर पर उनका पालन क्यों नहीं हो रहा?
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व पार्षद प्रत्याशी ज्ञान सिंह शंखवार ने भी चिंता जताते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर जैसी महत्वपूर्ण जगह पर इस तरह की अव्यवस्था बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कुछ जिम्मेदार कर्मचारी अपनी लापरवाही से इन प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
“सरकार की मंशा बेहतर इलाज की, लेकिन लापरवाह सिस्टम बना मरीजों की परेशानी की वजह”




