फिरोजाबाद में श्रमिकों के हित में बड़ी पहल, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
48 घंटे से अधिक काम पर अतिरिक्त मानदेय अनिवार्य, सभी श्रमिकों का बीमा और सैलरी स्लिप सुनिश्चित करने के निर्देश

फिरोजाबाद में श्रमिकों के हित में बड़ी पहल, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
48 घंटे से अधिक काम पर अतिरिक्त मानदेय अनिवार्य, सभी श्रमिकों का बीमा और सैलरी स्लिप सुनिश्चित करने के निर्देश
खबर:
फिरोजाबाद, 16 अप्रैल। जिलाधिकारी रमेश रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में श्रमिकों की समस्याओं के स्थाई समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी विशु राजा, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे समेत सभी नोडल अधिकारी और बैंक प्रबंधक मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के वित्तीय समावेशन और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई श्रमिक प्रति सप्ताह निर्धारित 48 घंटे से अधिक कार्य करता है, तो उसे अतिरिक्त मानदेय दिया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी उद्योगों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक फैक्ट्री में शुद्ध पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए “पोश कमेटी” और शिकायतों के निस्तारण के लिए “ग्रीवांस सेल” का गठन भी जरूरी बताया गया।
बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि सभी श्रमिकों का बीमा सुनिश्चित किया जाए, जिससे उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही हर श्रमिक को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य किया गया है।
जिलाधिकारी ने ठेकेदारों और एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर श्रमिकों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नोडल अधिकारी को 10 उद्योगों का नियमित निरीक्षण करना होगा और मौके पर जाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रमिकों को सभी निर्धारित सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों को समय पर वेतन दिया जाए, देरी होने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी मौके पर ही श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करेंगे, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
श्रम विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाया जाए। साथ ही फैक्ट्री मालिकों को अपने श्रमिकों से नियमित संवाद बनाए रखने के लिए भी कहा गया।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि “श्रमिक हमारे आर्थिक तंत्र की रीढ़ हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें न केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षित वातावरण भी प्राप्त हो।”
बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, सहायक श्रमायुक्त यशवंत कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




