गुरु पूर्णिमा पर ‘छोटी काशी’ अनूपशहर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क, ड्रोन और सीसीटीवी से हुई निगरानी
गुरु पूर्णिमा पर ‘छोटी काशी’ अनूपशहर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क, ड्रोन और सीसीटीवी से हुई निगरानी

अनूपशहर (बुलंदशहर)
‘छोटी काशी’ के नाम से प्रसिद्ध अनूपशहर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा घाटों पर स्नान, पूजा-अर्चना और गुरु वंदन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। दूर-दराज के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने गुरुजनों का स्मरण किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।

घाटों पर दिनभर बनी रही श्रद्धालुओं की भीड़
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य का सिलसिला दिनभर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। घाटों पर हर-हर गंगे और जय गुरु देव के जयघोष लगातार गूंजते रहे।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
गंगा के बढ़ते जलस्तर और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

सुरक्षा व्यवस्था की प्रमुख तैयारियां
गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लाल झंडे लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की गई।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान कराने की व्यवस्था की गई।

जल पुलिस, स्थानीय गोताखोरों तथा आपदा राहत टीमों को संवेदनशील घाटों पर तैनात किया गया।
घाट परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की गई।
यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया तथा बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्राथमिक चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, पेयजल एवं चेंजिंग रूम जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील

उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी ने संयुक्त रूप से गंगा घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचें, प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल ड्यूटी पर मौजूद पुलिस एवं राहत कर्मियों से संपर्क करें।




