फिरोजाबाद में पार्क निर्माण को लेकर विवाद गहराया, नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर के बयानों में विरोधाभास
नगर आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त जांच समिति गठित करने और जांच पूरी होने तक निर्माण रोकने के दिए निर्देश, वहीं चीफ इंजीनियर ने कहा—निर्माण स्थल पर नहीं मिली कोई अनियमितता, काम रहेगा जारी

फिरोजाबाद में पार्क निर्माण को लेकर विवाद गहराया, नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर के बयानों में विरोधाभास
नगर आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण के बाद संयुक्त जांच समिति गठित करने और जांच पूरी होने तक निर्माण रोकने के दिए निर्देश, वहीं चीफ इंजीनियर ने कहा—निर्माण स्थल पर नहीं मिली कोई अनियमितता, काम रहेगा जारी
फिरोजाबाद। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 20 स्थित कृष्णा नगर की सुरेश नगर कॉलोनी में पार्क निर्माण को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। बिना स्वीकृति वाली कॉलोनी में करोड़ों रुपये की लागत से पार्क निर्माण कराए जाने की शिकायत के बाद नगर आयुक्त प्रशान्त नागर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिस कॉलोनी की वैधानिक स्वीकृति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और जहां अभी पर्याप्त आबादी भी नहीं है, वहां नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से पार्क का निर्माण कराया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने गठित कराई संयुक्त जांच समिति
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने निरीक्षण के बाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही जांच पूरी होने तक पार्क निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने की बात कही गई।
नगर आयुक्त के इस रुख के बाद उम्मीद जगी कि पार्क निर्माण की वैधानिकता, भूमि की स्थिति और निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चीफ इंजीनियर के बयान से बढ़ा विवाद
हालांकि, इसके बाद मामले में नया मोड़ सामने आया। नगर निगम के चीफ इंजीनियर आर.पी. सिंह का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने निर्माण स्थल पर किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिलने की बात कही।
चीफ इंजीनियर के अनुसार पार्क निर्माण स्थल पर कोई अनियमितता नहीं पाई गई है और निर्माण कार्य यथावत जारी रहेगा।
दो अधिकारियों के अलग-अलग बयान, उठे सवाल
नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर के बयानों में सामने आए इस अंतर के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्क निर्माण को लेकर नगर निगम की वास्तविक स्थिति आखिर क्या है?
एक ओर नगर आयुक्त द्वारा संयुक्त जांच समिति गठित कर जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर चीफ इंजीनियर निर्माण कार्य जारी रखने की बात कह रहे हैं।
ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच भी कई सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच समिति का गठन किया गया है तो जांच पूरी होने से पहले निर्माण कार्य जारी रखने का आधार क्या है? वहीं यदि निर्माण स्थल पर कोई अनियमितता नहीं है तो फिर संयुक्त जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी?
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में नगर निगम और संबंधित विकास प्राधिकरण की संयुक्त जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पार्क निर्माण नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप है या शिकायत में लगाए गए आरोपों में वास्तविकता है।
मामले में नगर निगम के दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
बाइट: आर.पी. सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम फिरोजाबाद
बाइट: प्रशान्त नागर, नगर आयुक्त, नगर निगम फिरोजाबाद
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