फूलन देवी की जयंती पर सपा कार्यालय में आयोजित हुई गोष्ठी, संघर्ष और सामाजिक न्याय के योगदान को किया याद
जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, नेताओं ने फूलन देवी के जीवन और राजनीतिक सफर पर रखे विचार

फूलन देवी की जयंती पर सपा कार्यालय में आयोजित हुई गोष्ठी, संघर्ष और सामाजिक न्याय के योगदान को किया याद
जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, नेताओं ने फूलन देवी के जीवन और राजनीतिक सफर पर रखे विचार
फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोमवार, 10 अगस्त 2026 को पूर्व सांसद एवं समाजवादी पार्टी की नेता फूलन देवी की जन्म जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने की। इस अवसर पर फूलन देवी के जीवन, संघर्ष और राजनीतिक सफर को याद करते हुए गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा कि फूलन देवी का जीवन संघर्ष, सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक रहा। उन्होंने बताया कि फरवरी 1983 में मध्य प्रदेश के भिंड में फूलन देवी ने आत्मसमर्पण किया था और इसके बाद उन्होंने करीब 11 वर्ष जेल में बिताए। रिहाई के बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में फूलन देवी ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचीं। इसके बाद वर्ष 1999 में भी वह मिर्जापुर से दोबारा सांसद चुनी गईं।
शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा ने कहा कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान फूलन देवी ने महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन सामाजिक शोषण के खिलाफ संघर्ष और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
पूर्व विधायक रामवीर सिंह ने कहा कि फूलन देवी ने ग्वालियर सहित विभिन्न जेलों में लगभग 11 वर्ष बिताए। वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों को वापस लिए जाने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचीं। वर्ष 1999 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की।
फूलन देवी की 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व विधायक रमेश चंद चंचल, पूर्व विधायक अजीम भाई, महानगर अध्यक्ष जरार अहमद, राजू विनोद गौतम, अशोक यादव, जिला पंचायत सदस्य अनीता राजपूत, सतीश कुमार यादव, चरण सिंह यादव, प्रथम सिंह यादव, शम्मी कपूर, शिवराज यादव, योगेश गर्ग, कमलेश यादव, नीरज यादव, वीर सिंह प्रधान, मुकेश कुमार टीटू प्रधान, सत्येंद्र जैन सोली, लोकेश यादव, जाकिर हुसैन, जमुना कठेरिया, नेक से खान, रामू यादव, परवेज, रामवीर धनगर, कर्मवीर यादव, धर्मवीर, राजकुमार राठौर, सुशील गुरुजी, रामगोपाल वर्मा, देव राजपूत, प्रदीप निषाद, बंटू कठेरिया, रघुराज सिंह, सविता, नरेश संखवार, लोकेंद्र गुर्जर, अरविंद सिंह निषाद, श्रीकांत यादव, रोहित सविता, जसवंत सिंह निषाद, रमेश वर्मा, जयप्रकाश वर्मा, अनिल यादव, महावीर यादव, आरपी सिंह, राजकुमारपुर प्रधान, सुरेश बाबू, केवी यादव, कृष्ण मोहन चक्रवर्ती, राजू यादव, शांति स्वरूप यादव सहित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।




