स्वयं सहायता समूहों की खराब प्रगति पर सख्त हुए डीएम, दो एडीओ (आईएसबी) पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, टिफिन सर्विस और अस्पतालों में भोजन व्यवस्था से जोड़ने की बनाई रणनीति

स्वयं सहायता समूहों की खराब प्रगति पर सख्त हुए डीएम, दो एडीओ (आईएसबी) पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, टिफिन सर्विस और अस्पतालों में भोजन व्यवस्था से जोड़ने की बनाई रणनीति
फिरोजाबाद। जनपद में स्वयं सहायता समूहों (SHG) के कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को शिविर कार्यालय में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक में उन्होंने खराब प्रदर्शन पर दो एडीओ (आईएसबी) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी विकास खंडों के लिए समूह गठन एवं विकास का दैनिक लक्ष्य निर्धारित कर उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में दृढ़ संकल्प, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अद्भुत क्षमता होती है, जिसे स्वयं सहायता समूह एक मजबूत मंच प्रदान करते हैं।
डीएम ने निर्देश दिए कि सीआईएफ और अन्य मदों की शेष धनराशि का नियमानुसार शीघ्र उपयोग किया जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को कृषि, उद्यान, जिला उद्योग केंद्र, समाज कल्याण, मनरेगा, पशुपालन तथा बैंकिंग विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को डेयरी, पशुपालन, गोबर से उत्पाद निर्माण, दोना-पत्तल, पैकेजिंग, सिलाई, ब्यूटी पार्लर जैसे स्वरोजगार से जोड़ा जाए। साथ ही समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री की व्यवस्था विकसित करने और अस्पतालों में मरीजों के भोजन की जिम्मेदारी सक्षम स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों, नगर पालिकाओं और औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी लोगों के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से टिफिन सर्विस शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सभी विकास खंडों में विद्युत सखी सम्मेलन आयोजित कर निष्क्रिय विद्युत सखियों को पुनः सक्रिय करने और नई विद्युत सखियों का चयन करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों से कहा कि वे रचनात्मक सोच के साथ धरातल पर कार्य कर स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, डीसी मनरेगा तुलिका श्रीवास्तव तथा अन्य संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।




