फिरोजाबाद में भूमि विवादों के निस्तारण को चला विशेष अभियान, 2660 मामलों की होगी दोबारा जांच
1 से 30 जून तक चलेगा अभियान, असंतुष्ट शिकायतों को किया गया री-ओपन; अवैध कब्जाधारियों और भू-माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई

फिरोजाबाद में भूमि विवादों के निस्तारण को चला विशेष अभियान, 2660 मामलों की होगी दोबारा जांच
1 से 30 जून तक चलेगा अभियान, असंतुष्ट शिकायतों को किया गया री-ओपन; अवैध कब्जाधारियों और भू-माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
फिरोजाबाद, 01 जून 2026।
शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद फिरोजाबाद में भूमि विवादों से जुड़ी जन-शिकायतों के पारदर्शी, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान के लिए एक माह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे जिले में सक्रिय रूप से संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान भूमि विवादों से संबंधित प्राप्त शिकायतों में जिन मामलों का तहसील स्तर पर निस्तारण दर्शाया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता उससे संतुष्ट नहीं हैं, उन सभी मामलों को पुनः खोला गया है। ऐसे प्रकरणों को संबंधित उप जिलाधिकारी के पोर्टल पर वापस भेजते हुए दोबारा स्थलीय सत्यापन और विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत जनपद के कुल 2660 भूमि विवाद संबंधी मामलों की गहन समीक्षा और जांच की जाएगी। इनमें तहसील जसराना के 832, फिरोजाबाद के 726, शिकोहाबाद के 546, सिरसागंज के 340 तथा टूंडला के 216 मामले शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में केवल कागजी निस्तारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां विवाद या शांति भंग की आशंका होगी, वहां राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचकर स्थलीय सत्यापन करेंगी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के दौरान सार्वजनिक भूमि, तालाब, खलिहान, श्मशान घाट, खेल मैदान और अन्य आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने, पट्टा एवं आवंटन संबंधी विवादों के निस्तारण, राजस्व अभिलेखों में सुधार, रास्ता एवं चकमार्ग विवादों के समाधान, पैमाइश एवं वरासत संबंधी मामलों के निस्तारण तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों की स्थिति का चिन्हांकन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक न्याय और संतुष्टि प्रदान करना है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या बिना स्थलीय जांच के गलत निस्तारण पाया गया तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी टीमें तत्काल क्षेत्र में सक्रिय होकर पूरी पारदर्शिता के साथ इस 30 दिवसीय अभियान को सफल बनाएं, ताकि आमजन को भूमि विवादों से स्थायी राहत मिल सके।




