श्रमिकों का हित शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, शिकायतों का तत्काल निस्तारण हो: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा
1,159 निर्माण श्रमिकों के खातों में भेजे गए ₹2 करोड़ से अधिक, बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाने और चूड़ी कारखानों में 8 घंटे कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश

श्रमिकों का हित शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, शिकायतों का तत्काल निस्तारण हो: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा
1,159 निर्माण श्रमिकों के खातों में भेजे गए ₹2 करोड़ से अधिक, बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाने और चूड़ी कारखानों में 8 घंटे कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘जनपदीय श्रम बंधु, बाल एवं किशोर श्रम समिति’ तथा ‘जनपदीय बंधुआ सतर्कता समिति’ की बैठक में श्रमिकों के कल्याण, बाल श्रम उन्मूलन और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कल्पना जायसवाल भी उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण श्रमिकों से संबंधित लाभकारी योजनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। योजनाओं की जांच और स्वीकृति में लापरवाही एवं अनावश्यक विलंब पाए जाने पर उन्होंने संबंधित श्रम प्रवर्तन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई तथा कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों का हित शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर श्रमिकों, मालिकों और श्रमिक संगठनों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त ने जानकारी दी कि जनपद के 1,159 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत ₹2 करोड़ से अधिक की धनराशि ट्रेजरी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
बाल श्रम उन्मूलन के मुद्दे पर जिलाधिकारी ने जनपद में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही ‘जीरो पावर्टी’ लक्ष्य को प्राप्त करने तथा निर्माण कार्यों में लगे सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने चूड़ी उद्योग से जुड़े कारखानों की विशेष निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों से निर्धारित सीमा के अनुसार केवल 8 घंटे ही कार्य कराया जाए तथा उन्हें समय से नियमानुसार वेतन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम बदन राम, उपायुक्त उद्योग संध्या, सहायक श्रम आयुक्त यशवंत कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




