कब्जा मुक्त कराई गई सरकारी जमीन फिर विवादों में, समाजसेवी ने तहसील प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
विनोद यादव का दावा – बुलडोजर कार्रवाई के बाद दोबारा भूमाफियाओं को दी जा रही जमीन, मुख्यमंत्री और राजस्व परिषद सचिव को भेजी शिकायत

फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। शिकोहाबाद में हाल ही में कब्जा मुक्त कराई गई सरकारी जमीन एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। समाजसेवी विनोद यादव ने तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस भूमि को कुछ दिन पहले भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया था, उसे दोबारा कब्जाधारियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पूर्व शिकोहाबाद थाने के निकट स्थित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से रास्ता बनाकर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। मामला प्रदेश के पर्यटन मंत्री तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्कालीन कार्रवाई के तहत एसडीएम गजेंद्र सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे थे। उनकी मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और कब्जे को हटाया गया था।
अब समाजसेवी विनोद यादव ने आरोप लगाया है कि गुरुवार दोपहर दो लेखपालों ने कथित रूप से उसी भूमि को दोबारा कब्जा करने वालों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने इसे सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के हवाले करने का प्रयास बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
विनोद यादव ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व परिषद के सचिव को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा हो सकता है।
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




