फिरोजाबाद में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, क्षत्रिय समाज ने लिया एकता और स्वाभिमान का संकल्प
ठाकुर महासभा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं, समाजसेवियों और सैकड़ों लोगों ने की सहभागिता
फिरोजाबाद में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, क्षत्रिय समाज ने लिया एकता और स्वाभिमान का संकल्प

ठाकुर महासभा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं, समाजसेवियों और सैकड़ों लोगों ने की सहभागिता
फिरोजाबाद।
जनपद फिरोजाबाद में शौर्य, साहस और स्वाभिमान के प्रतीक महान हिंदू हृदय सम्राट महाराणा प्रताप की जयंती हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। ठाकुर महासभा के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष युगल चौहान ने किया। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध जनों, राजनीतिक हस्तियों और क्षत्रिय समाज के सैकड़ों युवाओं एवं बुजुर्गों ने भाग लेकर महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया और उनके शौर्य, राष्ट्रभक्ति एवं त्याग को याद किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित लक्ष्मी सिकरवार ने कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्ष में रानी जयवंता बाई और समाज के हर वर्ग का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो आज भी समाज को एकता और समर्पण का संदेश देता है।
इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच के प्रमुख रणजीत जी और भानु प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा में महाराणा प्रताप के योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित लक्ष्मी सिकरवार का विशेष अभिनंदन भी किया गया। समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं सहित क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
ठाकुर महासभा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जयंती समारोह नहीं रहा, बल्कि यह फिरोजाबाद में क्षत्रिय समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष युगल चौहान ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




