मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर तकनीकी सहायकों ने सौंपा ज्ञापन, 28 सितंबर से ईको गार्डन में धरने की चेतावनी
तकनीकी सहायकों ने 45 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय करने की मांग उठाई, 26 सितंबर तक समाधान नहीं होने पर लखनऊ में धरना देने की चेतावनी

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर तकनीकी सहायकों ने सौंपा ज्ञापन, 28 सितंबर से ईको गार्डन में धरने की चेतावनी
तकनीकी सहायकों ने 45 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय करने की मांग उठाई, 26 सितंबर तक समाधान नहीं होने पर लखनऊ में धरना देने की चेतावनी
फिरोजाबाद। जिले के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत तकनीकी सहायकों ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। तकनीकी सहायकों ने बताया कि वे लंबे समय से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के निरीक्षण, एस्टिमेशन, सुपरविजन सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कम मानदेय दिया जा रहा है।
तकनीकी सहायकों के अनुसार वे करीब 18 वर्षों से विभिन्न परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले पांच वर्षों से महंगाई बढ़ने के बावजूद मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। ग्राम पंचायतों की परियोजनाओं के एस्टिमेशन और सुपरविजन के लिए उन्हें प्रतिदिन अलग-अलग ग्राम पंचायतों में जाना पड़ता है। आने-जाने में करीब छह हजार रुपये प्रतिमाह तक खर्च होने का दावा तकनीकी सहायकों ने किया है।
ज्ञापन के माध्यम से तकनीकी सहायकों ने शासन से मांग की कि उनका मानदेय जूनियर इंजीनियर के मूल वेतन के अनुरूप 45 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

तकनीकी सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि 26 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर वे 28 सितंबर से लखनऊ स्थित ईको गार्डन में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे।
ज्ञापन के दौरान जिले के करीब 20 तकनीकी सहायक मौजूद रहे। इनमें रामनरेश ओझा, वीर सिंह सोनी, रामअवतार, राकेश सिंह, अवशेष कुमार, प्रताप सिंह, शिवप्रताप, जितेंद्र सिंह, अनिल कुमार, रामकिशोर शर्मा, संजीव कुमार, अजय कुमार, महेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, किशन स्वरूप, सुनितेश, जयसिंह पाल, श्रवण कुमार उपाध्याय और अनीष ओझा सहित अन्य तकनीकी सहायक शामिल रहे।
वाइट: रामनरेश, सहायक




