स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल: वार्ड-29 बालाजी नगर की दो गलियां विकास कार्य से बाहर, लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों का आरोप—पूरे वार्ड में सड़क-नाली का निर्माण, लेकिन हमारी गलियों की अनदेखी; पार्षद पर अभद्र व्यवहार का भी लगाया आरोप
स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल: वार्ड-29 बालाजी नगर की दो गलियां विकास कार्य से बाहर, लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों का आरोप—पूरे वार्ड में सड़क-नाली का निर्माण, लेकिन हमारी गलियों की अनदेखी; पार्षद पर अभद्र व्यवहार का भी लगाया आरोप

फिरोजाबाद। स्मार्ट सिटी फिरोजाबाद और नगर निगम द्वारा शहर में विकास कार्यों के दावों के बीच वार्ड नंबर-29 स्थित बालाजी नगर से नाराजगी की तस्वीर सामने आई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पूरे वार्ड में सड़क और नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उनकी दो गलियों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है। इससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय निवासी सुनीता कुशवाहा ने बताया कि उनकी गलियों में आज तक न तो नाली का निर्माण कराया गया है और न ही सड़क बनाई गई है। जबकि आसपास की सभी गलियों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

सुनीता कुशवाहा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वार्ड के पार्षद डी.पी. राठौर से इस संबंध में शिकायत की, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद ने कहा, “आप लोग ऐसे ही चले जाओगे या लाठियां खाकर वापस जाओगे।” स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह आरोप सही है तो यह जनप्रतिनिधि के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उनकी गलियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के कई चक्कर लगाने के बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में कच्ची सड़क और नाली न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए और वार्ड की छूटी हुई दोनों गलियों में भी जल्द से जल्द सड़क एवं नाली निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
पक्ष जानना बाकी:
इस मामले में पार्षद डी.पी. राठौर एवं नगर निगम प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




