सड़ामई संविलियन विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, महिलाओं-बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
रेड टेप मूवमेंट, पौधरोपण और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की शपथ के साथ हेल्पलाइन नंबरों व राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति किया गया जागरूक

सड़ामई संविलियन विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, महिलाओं-बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
रेड टेप मूवमेंट, पौधरोपण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ के साथ हेल्पलाइन नंबरों व राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति किया गया जागरूक
फिरोजाबाद। जन आधार कल्याण समिति के समन्वय से महिला कल्याण विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा संविलियन विद्यालय सड़ामई (कक्षा 1 से 8) में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों, महिलाओं और विद्यार्थियों को उनके विधिक एवं सामाजिक अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से रेड टेप मूवमेंट के तहत स्वच्छता का संदेश दिया तथा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही सभी को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई गई और जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) प्रवीन कुमार शर्मा ने कहा कि न्याय पाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और पात्र लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता एवं अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देते हुए लोगों से दीवानी, आपराधिक, पारिवारिक और बैंक ऋण संबंधी मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराने की अपील की। उन्होंने नालसा (NALSA) के हेल्पलाइन नंबर 15100 एवं 18004190324 की भी जानकारी दी।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं की दी जानकारी
महिला कल्याण विभाग की अधिकारी अनम अकाशा ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ भी दिलाई।
सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं से कराया अवगत
सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी एवं काउंसलर शिक्षा सारस्वत ने बताया कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी संकट से जूझ रही महिलाओं को सेंटर पर एक ही स्थान पर कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सीय सुविधा, अस्थायी आश्रय और मनोवैज्ञानिक परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं से जरूरत पड़ने पर महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करने की अपील की।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
महिला कल्याण विभाग की अकाउंटेंट मोहिनी शर्मा ने महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस सहायता 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एम्बुलेंस सेवा 102 एवं 108, साइबर हेल्पलाइन 1930, मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14417/104 तथा वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन 14567 जैसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।
शिक्षा के अधिकार पर दिया गया जोर
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सविता अग्रवाल ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका संदेश दोहराया— “एक भी बच्चा छूटा, सपना हमारा टूटा।”
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रवी कान्त शर्मा, मुजफ्फर उल्ला खां, जितेन्द्र सिंह, अशोक कुमार, मो. काशिफ, पूजा गुप्ता, मनीषा राठौर, सुरेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, श्रुति, राकेश देवी, अंजली, राधा रानी, इंद्रवती, मनोरमा, वेद प्रकाश अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




