भूमि विवादों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, एक सप्ताह में लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक, सदर तहसील में 82% भूमि विवाद लंबित मिलने पर जताई नाराजगी; 3 और 5 वर्ष पुराने मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश

भूमि विवादों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, एक सप्ताह में लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक, सदर तहसील में 82% भूमि विवाद लंबित मिलने पर जताई नाराजगी; 3 और 5 वर्ष पुराने मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश
फिरोजाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में भूमि विवाद निस्तारण अभियान, धारा-98 तथा तहसील स्तर से संबंधित आईजीआरएस (IGRS) प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान सदर तहसील में भूमि विवादों के 82 प्रतिशत प्रकरण लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस और समाधान दिवस से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 3 वर्ष और 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन तहसीलों की प्रगति संतोषजनक नहीं होगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरकारी भूमि की अद्यतन जानकारी लेखपालों से प्राप्त करने तथा सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) कल्पना जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) मोहनलाल गुप्ता सहित जनपद के सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।




